हरियाणा में महिलाओं को ₹2100 महीने पर उम्र का अड़ंगा:इनकम लिमिट का भी पेंच, इससे शर्तें पूरी करतीं 1 लाख महिलाएं बाहर हुईं

हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने महिलाओं को 25 सितंबर से 2100 रुपए हर महीने देने की घोषणा की है। सरकार ने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के लिए इस बजट में 5 हजार करोड़ का फंड रखा है। योजना का फायदा देने के लिए 23 से 60 की उम्र की शर्त रखी है। इसके अलावा एक लाख वार्षिक इनकम की शर्त है। दिल्ली में ऐसी ही

हरियाणा में महिलाओं को ₹2100 महीने पर उम्र का अड़ंगा:इनकम लिमिट का भी पेंच, इससे शर्तें पूरी करतीं 1 लाख महिलाएं बाहर हुईं

हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने महिलाओं को 25 सितंबर से 2100 रुपए हर महीने देने की घोषणा की है। सरकार ने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के लिए इस बजट में 5 हजार करोड़ का फंड रखा है। योजना का फायदा देने के लिए 23 से 60 की उम्र की शर्त रखी है। इसके अलावा एक लाख वार्षिक इनकम की शर्त है। दिल्ली में ऐसी ही योजना का लाभ लेने की उम्र की शर्त 18 साल से शुरू है, जबकि कई राज्यों में 21 साल से है। ऐसे में योजना के पहले चरण में अभी उम्र व आय की शर्त से हरियाणा में लाभार्थी महिलाओं की संख्या घट गई है। हरियाणा में इनकम की स्लैब बनी हुई हैं।

इनमें एक लाख से 1.40 लाख का स्लैब है। स्लैब का लोअर पार्ट गिना जाता है। ऐसे में इस स्लैब की लाभार्थी महिलाओं की संख्या करीब 20 लाख बन रही है। परिवार पहचान पत्र के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में इस इनकम स्लैब में 23 से 60 साल तक की 17 लाख 25 हजार विवाहित महिलाएं हैं। जबकि 23 से 45 साल की 2.75 लाख कुंवारी यानी अविवाहित हैं। सीएम नायब सैनी ने भी कहा कि पहले चरण में करीब 19-20 लाख लाभार्थी होंगी। इनकम कम होने के बावजूद 1 लाख महिलाएं लाभपात्र नहीं एक लाख इनकम की शर्त को पूरा करने के बावजूद करीब 1 लाख महिलाओं को 2100 रुपए का लाभ नहीं मिल पाएगा।

क्योंकि इनमें से करीब 45 हजार विधवाएं, 11 हजार निराश्रित, 14 हजार दिव्यांग पेंशन ले रही हैं। इसके अलावा 2500 महिलाएं संविदा कर्मी और 2500 महिलाएं लाडली योजना का पहले से ही लाभ ले रही हैं। 1 लाख से कम की शर्त से सिर्फ 8 लाख ही लाभार्थी बनती अगर प्रदेश सरकार एक लाख रुपए से कम इनकम का दायरा तय करती तो हरियाणा की करीब 8 लाख महिलाएं ही योजना की लाभार्थी बन पातीं। एक लाख रुपए करने से लाभपात्र महिलाओं की संख्या 20 लाख पहुंच गई। CM नायब सैनी ने कहा कि योजना के अगले चरण में इनकम का दायरा बढ़ाया जाएगा।

यदि इसे 1.80 लाख किया जाता है तो करीब 10 लाख लाभार्थी बढ़ जाएंगी। अब जानिए आय व उम्र की टफ शर्त ने कैसे घटाई लाभार्थियों की संख्या… अब जानिए योजना का लाभ लेने के लिए क्या करना होगा… देश में सबसे ज्यादा 46 हजार करोड़ का खर्च देश के 9 प्रमुख राज्य महिलाओं को डायरेक्ट कैश बेनिफिट योजनाओं का लाभ दे रहे हैं। इनमें से सबसे ज्यादा बजट महाराष्ट्र का खर्च हो रहा है, जो करीब 46 हजार करोड़ बनता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कर्नाटक करीब 29 हजार करोड़, मध्यप्रदेश करीब 20 हजार करोड़ खर्च करता है। छत्तीसगढ़ करीब 5500 करोड़ रुपए खर्च करता है। हरियाणा सरकार ने इस बजट में 5000 करोड़ का बजट रखा। पंजाब में आप सरकार का वादा अभी पूरा नहीं पंजाब में सत्ता में आने से पहले आम आदमी पार्टी ने घोषणा पत्र में प्रत्येक महिला को मासिक एक हजार रुपए देने की गारंटी दी थी।

अभी तक यह योजना साकार नहीं हो पाई है। हालांकि 2024 में लोकसभा चुनाव के समय सीएम भगवंत मान ने कहा था कि हम हजार रुपए की जगह 1100 रुपए देंगे। लेकिन साल 2025-26 के बजट में इसका ऐलान नहीं हुआ। अब माना जा रहा है कि 2026-27 के बजट में यह गारंटी सरकार पूरा करेगी। क्योंकि यह सरकार का इलेक्शन बजट रहेगा। हिमाचल में सिर्फ जनजातीय-दुर्गम इलाकों तक सीमित पड़ोसी हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने भी महिलाओं को डायरेक्ट कैश बेनिफिट देने की घोषणा की थी। हालांकि वहां सुक्खू सरकार अभी इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों को ही कवर कर रही है।

इसमें लगभग 35 हजार महिलाओं को 1500-1500 रुपए मासिक मिल रहे हैं। देवीलाल ने सबसे पहले बुढ़ापा पेंशन शुरू की, 25 को उनकी जयंती हरियाणा में सबसे पहले 1987 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चौ. देवीलाल ने बुढ़ापा पेंशन शुरू की थी। तब 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को 100 रुपए मासिक मिलते थे। दिलचस्प बात है कि अब प्रदेश सरकार ने 25 सितंबर से लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ देने की घोषणा की है। उस दिन यानी 25 सितंबर को देवीलाल की 111वीं जयंती है।

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