हरियाणा के सरकारी-एडेड कॉलेजों में होगी स्टाफ भर्ती:8645 पद खाली, 158 में ही प्रिंसिपल नहीं; 2424 असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की डिमांड

हरियाणा के सरकारी एवं एडेड कॉलेजों में शिक्षकों व कर्मचारियों के खाली पदों को भरने को लेकर सरकार ने कई स्तरों पर प्रक्रिया शुरू कर दी है। 1 अप्रैल तक राज्य के सभी जिलों के कॉलेजों में स्वीकृत व खाली पदों का पूरा ब्योरा मांगा गया है। नूंह जिले सहित पूरे हरियाणा में 31 प्रोफेसरों को प्राचार्य पद पर प्रमोशन करने का प्रस्ताव

हरियाणा के सरकारी-एडेड कॉलेजों में होगी स्टाफ भर्ती:8645 पद खाली, 158 में ही प्रिंसिपल नहीं; 2424 असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की डिमांड

हरियाणा के सरकारी एवं एडेड कॉलेजों में शिक्षकों व कर्मचारियों के खाली पदों को भरने को लेकर सरकार ने कई स्तरों पर प्रक्रिया शुरू कर दी है। 1 अप्रैल तक राज्य के सभी जिलों के कॉलेजों में स्वीकृत व खाली पदों का पूरा ब्योरा मांगा गया है। नूंह जिले सहित पूरे हरियाणा में 31 प्रोफेसरों को प्राचार्य पद पर प्रमोशन करने का प्रस्ताव सरकार के पहुंच चुका है। वहीं, 2424 असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के लिए हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) को मांग भेजी गई है।

चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद खाली पदों को भरा जाएगा। नूंह जिले के सरकारी कॉलेजों में ग्रुप डी के 13 पदों की मांग एवं आरडी को भेजी गई है और अनुमति मिलते ही इन्हें भरा जाएगा। शिक्षण एवं गैर-शिक्षण पदों पर भी होगी भर्ती नूंह के सहायता प्राप्त वाईएमडी कॉलेज में प्राचार्य की नियुक्ति के लिए विभाग ने 23 जून 2025 को अनुमति प्रदान कर दी है। रेगुलर प्राचार्य की नियुक्ति के बाद ही शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों की रिक्तियों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। क्योंकि हरियाणा से संबद्ध महाविद्यालय (सेवा सुरक्षा) नियम, 2006 के अनुसार प्राचार्ग चयन समिति का अनिवार्य सदस्य होता है।

कॉलेजों में 8645 पद खाली हरियाणा के सरकारी और निजी कॉलेजों में अधिकारियों और कर्मचारियों की भारी कमी बनी हुई है। कुल 274 कॉलेजों में अधिकारियों-कर्मचारियों के 15668 पदों में से 8645 पद खाली पड़े हैं। यह जानकारी विधानसभा मानसून सत्र में उच्चतर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने नूह विधायक आफताब अहमद की तरफ से पूछे गए अतारांकित सवाल के जवाब में दी। आंकड़ों से पता चला कि सबसे गंभीर स्थिति क्लास-वन अधिकारियों (प्रिंसिपल स्तर) की है। प्रदेश के कुल 274 कॉलेजों में से 158 कॉलेज में क्लास वन के पद खाली है।

खास बात यह है कि 100 से ज्यादा कॉलेजों में प्रिंसिपल ही नहीं हैं। केवल 116 कॉलेजों में ही क्लास-वन अधिकारी कार्यरत हैं। क्लास-बी के पदों की भी स्थिति चिंताजनक इसी तरह क्लास-बी के पदों की स्थिति भी चिंताजनक है। कुल 10,919 पदों में से केवल 4,703 पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं जबकि 6,216 पद खाली पड़े हैं। इन पदों पर मुख्य रूप से असिस्टेंट प्रोफेसर कार्य करते हैं। जिन्हें अभी सीनियर स्केल का लाभ नहीं मिला होता। क्लास-सी श्रेणी में भी भारी कमी है। कुल 2,966 पदों में से 1,702 पद खाली है और केवल 1,264 पदों पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं। वहीं सबसे अधिक जरूरत वाले क्लास-डी कर्मचारियों को भी भारी कमी है। कुल 1,509 पदों में से 569 खाली है और मात्र 940 कर्मचारी ही काम कर रहे हैं।

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