हरियाणा में भूकंप के झटके:रोहतक-पानीपत समेत 5 जिलों में असर, सोनीपत का कुंडल गांव सेंटर; घबराए लोग घरों से बाहर निकले

हरियाणा में बुधवार दोपहर को 12 बजकर 28 मिनट 31 सेकंड पर भूकंप आया। रोहतक, सोनीपत, पानीपत, झज्जर और गुरुग्राम में तेज झटके महसूस किए गए। जिसके बाद लोग घरों से बाहर निकल आए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.5 रही। इसका सेंटर सोनीपत में खरखौदा के पास कुंडल गांव में 5 किलोमीटर गहराई में रहा।

हरियाणा में भूकंप के झटके:रोहतक-पानीपत समेत 5 जिलों में असर, सोनीपत का कुंडल गांव सेंटर; घबराए लोग घरों से बाहर निकले

हरियाणा में बुधवार दोपहर को 12 बजकर 28 मिनट 31 सेकंड पर भूकंप आया। रोहतक, सोनीपत, पानीपत, झज्जर और गुरुग्राम में तेज झटके महसूस किए गए। जिसके बाद लोग घरों से बाहर निकल आए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.5 रही। इसका सेंटर सोनीपत में खरखौदा के पास कुंडल गांव में 5 किलोमीटर गहराई में रहा। रोहतक के सेक्टर-4 समेत अन्य इलाकों में रहने वाले लोगों ने तेज झटकों के बाद एक-दूसरे को अलर्ट किया।

कुछ जगहों पर लोग पार्क और खुले स्थानों में जमा हो गए। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहने की अपील की है। राजकीय महाविद्यालय नारनौल के मौसम विशेषज्ञ एवं प्रोफेसर डॉ. चंद्र मोहन ने बताया कि भूकंप से किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है। इससे पहले 12 नवंबर को सुबह 7 बजकर 50 मिनट पर रोहतक और उसके आसपास के जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3 रही थी। भूकंप का केंद्र रोहतक में 7 किमी अंदर था।

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने सोशल मीडिया (X) पर डाली पोस्ट... फरीदाबाद में एक दिन में 2 बार आया था भूकंप 5 महीने पहले फरीदाबाद में 2 बार भूकंप आया था। यहां एक घंटे के अंदर 2 बार भूकंप के झटके महसूस हुए थे। नेशनल सीस्मोलॉजी सेंटर (NCS) के अनुसार इसका केंद्र फरीदाबाद में ही जमीन के अंदर 5 किलोमीटर गहराई में रहा। पहली बार भूकंप सुबह 10:54 बजे और दूसरी बार 11:43 बजे आया। रिक्टर स्केल पर दोनों बार भूकंप की तीव्रता 2.4 रही।

क्या है हरियाणा में बार-बार भूकंप आने का कारण उत्तराखंड के देहरादून से लेकर हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले तक जमीन के नीचे एक फॉल्ट लाइन है। इसमें जब प्लेट मूवमेंट होती है तो इसके आपस में टकराने से कंपन पैदा होता है। जिससे भूकंप के झटके महसूस होते हैं। भूकंप से बचने के लिए क्या करें? घरों में भूकंप से बचने के लिए भूकंप रोधी पदार्थ से मकान बनाने चाहिए। 2-3 मंजिल से ज्यादा ऊंचा मकान भी नहीं बनाना चाहिए। इसके अलावा मकान बनाने से पहले मिट्टी की जांच के अलावा अन्य बातों का भी ध्यान रखना चाहिए।

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