रोहतक में कारगिल योद्धा के घर पहुंचे नवीन जयहिंद:खाना खिलाकर दिया 21 हजार का दान; कहा-लोगों की मदद निस्वार्थ मदद करता है
रोहतक में जयहिन्द सेना द्वारा योद्धा खानदान जयहिन्द को रोटी–दान मुहिम चलाई गई है। इसके तहत रोहतक निवासी कैप्टन जोगेंद्र फोगाट ने नवीन जयहिंद को अपने घर बुलाकर खाना खिलाया और 21 हजार रुपए का दान दिया। जयहिन्द ने नंबर जारी करते हुए बताया कि जो भी साथी जयहिन्द सेना से जुड़ना चाहता है, वह कॉल करके सीधा जुड़ सकता है।
रोहतक में जयहिन्द सेना द्वारा योद्धा खानदान जयहिन्द को रोटी–दान मुहिम चलाई गई है। इसके तहत रोहतक निवासी कैप्टन जोगेंद्र फोगाट ने नवीन जयहिंद को अपने घर बुलाकर खाना खिलाया और 21 हजार रुपए का दान दिया। जयहिन्द ने नंबर जारी करते हुए बताया कि जो भी साथी जयहिन्द सेना से जुड़ना चाहता है, वह कॉल करके सीधा जुड़ सकता है। नवीन जयहिन्द ने बताया कि कैप्टन जोगेंद्र फोगाट बहुत ही संघर्षशील है, ये कारगिल की लड़ाई के समय वहां मौजूद थे।
साथ ही जयहिन्द ने कहा कि कैप्टन जोगेंद्र फोगाट उनके साथ हर अच्छे बुरे समय में हमेशा आगे खड़े मिलते है। उनका रोटी–दान के लिए बहुत आभार व्यक्त करते है। जयहिंद निस्वार्थ भाव से करता है लोगों की मदद कैप्टन जोगेंद्र फोगाट ने कहा कि जयहिन्द एक ऐसा व्यक्ति है जो निस्वार्थ भाव से हर वर्ग के लोगों की मदद करता है और लोगों की समस्याओं का समाधान करवाने के लिए अकेले ही सरकार व प्रशासन से भीड़ जाता है। इस बात से अंदाजा लगा सकते है कि दादा दुलीचंद की बारात से लाखों बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवा महिलाओं की पेंशन बनी।
फैमिली आईडी और बीपीएल कार्ड संबंधित समस्याओं का समाधान हुआ। पहरावर की जमीन से सालों से सरकारों का कब्जा हटवाया। बेरोजगारों की बारात निकाली, जिससे 25 हजार बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी मिली। खिलाड़ियों का खेल कोटा खत्म हुआ तो जयहिन्द ने सोटा उठाया, जिससे सरकार को 4 प्रतिशत खेल कोटा बहाल करना पड़ा। दलितों के घर गिराने से बचाए और बहुत से ऐसे आंदोलन जयहिन्द ने किए जिनसे लाखों बुजुर्गों, बेरोजगारों, दिव्यांगों, खिलाड़ियों और हर वर्ग के लोगों को लाभ मिला।



