रोहतक में पेड़ों की कटाई रोकने बुजुर्ग बरगद पर चढ़ा:बोला- पेड़ काटे तो यहीं फांसी लगा लूंगा, सुप्रीम कोर्ट में चल रहा केस
रोहतक के सेक्टर-6 स्थित एक बाग में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) की तरफ से पेड़ काटने के विरोध में स्थानीय बुजुर्ग राजबीर राठी बरगद के पेड़ पर रस्सी लेकर चढ़ गए। राजबीर राठी ने साफ कहा कि अगर किसी भी पेड़ को काटने की कोशिश की गई तो वे पेड़ पर ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेंगे।
रोहतक के सेक्टर-6 स्थित एक बाग में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) की तरफ से पेड़ काटने के विरोध में स्थानीय बुजुर्ग राजबीर राठी बरगद के पेड़ पर रस्सी लेकर चढ़ गए। राजबीर राठी ने साफ कहा कि अगर किसी भी पेड़ को काटने की कोशिश की गई तो वे पेड़ पर ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेंगे। दरअसल, सेक्टर-6 स्थित इस बाग की जमीन को लेकर मामला कोर्ट में लंबित है। राजबीर राठी ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी हुई है। इससे पहले वे हाईकोर्ट में केस हार गए थे और वहां HSVP के पक्ष में फैसला आया था। वहीं, एनजीटी कोर्ट में भी सुनवाई पूरी हो चुकी है और फैसला आना बाकी है।
इसके बावजूद, HSVP अधिकारियों की ओर से बाग में लगे पेड़ों को काटने की तैयारी की जा रही है, जिसके विरोध में बुजुर्ग पेड़ पर चढ़कर धरने पर बैठ गए। 1500 पेड़ों पर आरी चलाने का प्रयास राजबीर राठी ने बताया कि एचएसवीपी की तरफ से एनजीटी कोर्ट में बाग के अंदर 1500 पेड़ बताए थे, जिनको लेकर एफिडेविट दे रखा है कि फलदार पौधों को शिफ्ट किया जाएगा। लेकिन विभाग की तरफ से कल शाम गुपचुप तरीके से करीब 200 पेड़ काट दिए गए। बाकी पेड़ों पर भी आरी चलाने का प्रयास किया जा रहा है, जो नियमों के खिलाफ है।
सुप्रीम कोर्ट में कर रखी है अपील पेड़ पर चढ़े राजबीर राठी ने बताया कि बाग की जमीन को लेकर वह हाईकोर्ट से केस हार गए थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में अपील कर रखी है। जमीन के साथ-साथ 1500 पेड़ों का सवाल भी है। अगर एचएसवीपी ने अपनी मनमानी नहीं रोकी तो वह पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर लेंगे, जिसका जिम्मेदार एचएसवीपी विभाग होगा। सुबह फोर्स पहुंची तो पेड़ के साथ खड़ा था बुजुर्ग बाग में पेड़ों की कटाई करने के लिए जब एचएसवीपी विभाग की तरफ से पुलिस फोर्स पहुंची तो वहां उन्हें एक बुजुर्ग पेड़ के साथ खड़ा दिखाई दिया।
पुलिस को देखकर बुजुर्ग सालों पुराने बरगद के पेड़ पर रस्सी लेकर चढ़ गया। पुलिस ने बुजुर्ग को समझाने व नीचे उतारने का प्रयास किया, लेकिन बुजुर्ग नहीं माना और आत्महत्या की चेतावनी दी। साढे 7 एकड़ में से डेढ एकड़ के काटे पेड़ भाजपा नेता एडवोकेट महाराज सिंह ने बताया कि बाग में करीब साढे 7 एकड़ में पेड़ लगे हुए हैं, जिसमें से डेढ़ एकड़ के पेड़ काट दिए है। ये पेड़ 30 साल से भी अधिक पुराने थे। उनका एनजीटी में मामला चला हुआ है, जिसका फैसला अभी नहीं आया है। प्रशासन के पास ऐसा कोई ऑर्डर नहीं है कि पेड़ काटे जाएं। महाराज सिंह ने बताया कि एस्टेट ऑफिसर आशीष को किस बात की जल्दी है।
जब मामला कोर्ट में विचाराधीन है तो क्यों पेड़ काटे जा रहे हैं। उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया। प्रधानमंत्री एक पेड़ मां के नाम मुहिम चला रहे हैं और दूसरी तरफ प्रशासन इस मुहिम को ठेंगा दिखाते हुए भारी संख्या में पेड़ काट रहा है। कोई सिस्टम ही नहीं है। रात को नींद नहीं आई तो आत्महत्या करने आया पेड़ पर चढ़े बुजुर्ग भाजपा कार्यकर्ता राजबीर राठी ने बताया कि कल रिश्तेदारी में गया था तो पीछे से प्रशासन ने उनके पेड़ काट दिए। बाग में 1500 पेड़ लगे हुए है, जिसमें से कुछ पेड़ काटे गए हैं। जब उन्हें पता चला तो रात को नींद भी नहीं आई और सुबह आत्महत्या करने के लिए बाग की तरफ आ गया।
राजबीर राठी ने बताया कि जब बाग में पहुंचा तो यहां भारी संख्या में पुलिस खड़ी थी और जो पेड़ काटे गए थे, उनकी लकड़ी को उठाने का प्रयास किया जा रहा था। प्रधानमंत्री ने एक पेड़ मां के नाम मुहिम चलाई है, लेकिन दूसरी तरफ पीएम की मुहिम को खत्म करने का प्रयास चल रहा है। राजबीर राठी ने बताया कि उनका एनजीटी में मामला चला हुआ है। पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर व मंत्री अरविंद शर्मा चाहते हैं कि बाग ना उजड़े। इसके लिए उन्होंने पूरा प्रयास किया। लेकिन स्थानीय एमएलए भारत भूषण बतरा ने जी जान लगा दी कि बाग को हटाया जाए।
क्योंकि हुड्डा साहब ने कांग्रेसियों को यहां प्लाट दे रखे हैं। पुलिस व नवीन जयहिंद के बीच हुई तीखी नोकझोंक पेड़ काटने की सूचना पर बाग में पहुंचे नवीन जयहिंद की पुलिस व एचएसवीपी विभाग के एसडीओ से तीखी नोकझोंक हो गई। नवीन जयहिंद ने पेड़ों के बारे में पूछा तो एसडीओ ने कहा कि कोई पेड़ नहीं काटा। कल पेड़ काटे थे, लेकिन आज नहीं काटे। नवीन जयहिंद की पुलिस व अधिकारियों के साथ तीखी बहस हुई। इस दौरान नवीन जयहिंद ने कहा कि क्या अधिकारियों को नहीं पता था कि मामला एनजीटी में चल रहा है। जब पता था तो पेड़ों को कैसे काटा गया।
नवीन व पुलिस कर्मी के बीच काफी देर तक बहस होती रही। बात झगड़े तक पहुंचती, उससे पहले नवीन के समर्थक उसे पकड़कर ले गए। नवीन जयहिंद पर भी इसी बाग में कई बार हुई कार्रवाई समाजसेवी नवीन जयहिंद कई साल तक इसी बाग में अपना डेरा डालकर रहते थे। बाग में एक झोपड़ी बना रखी थी, जिस पर पुलिस प्रशासन ने कई बार कार्रवाई की और उसे तोड़ दिया। आखिर में नवीन जयहिंद को बाग छोड़कर जाना पड़ा। अब एचएसवीपी विभाग पेड़ों की कटाई करने का प्रयास कर रहा है।



