रोहतक में झुग्गियां तोड़ने पहुंचा HSVP, कल CM का कार्यक्रम:जयहिंद बोले-मुख्यमंत्री नहीं चाहेंगे गरीबों का घर उजड़े

रोहतक में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के अधिकारी पुलिसकर्मियों के साथ शनिवार को बुलडोजर लेकर गाड्डे लुहार (घुमंतू जाति) के घरों (झुग्गी-झोपड़ी) को तोड़ने पहुंचे। सूचना मिलते ही नवीन जयहिंद भी वहां पहुंचे और डीसी, एसडीएम और एसपी से लोगों को 3-4 दिन का समय देने की मांग की। नवीन जयहिंद ने कहा

रोहतक में झुग्गियां तोड़ने पहुंचा HSVP, कल CM का कार्यक्रम:जयहिंद बोले-मुख्यमंत्री नहीं चाहेंगे गरीबों का घर उजड़े

रोहतक में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के अधिकारी पुलिसकर्मियों के साथ शनिवार को बुलडोजर लेकर गाड्डे लुहार (घुमंतू जाति) के घरों (झुग्गी-झोपड़ी) को तोड़ने पहुंचे। सूचना मिलते ही नवीन जयहिंद भी वहां पहुंचे और डीसी, एसडीएम और एसपी से लोगों को 3-4 दिन का समय देने की मांग की। नवीन जयहिंद ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी 14 सितंबर को रोहतक आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बिल्कुल नहीं चाहेंगे कि गरीब लोगों की झुग्गियां तोड़ी जाएं। मुख्यमंत्री ने हमेशा कहा है कि घुमंतू जाति के लोगों को प्लॉट और रहने की व्यवस्था दी जाए। उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों की परेशानी को समझेंगे। सरकार की योजना अनुसार मिले प्लॉट कहां गए नवीन जयहिंद ने सीएम नायब सैनी से सवाल पूछते हुए कहा कि स्लम बस्ती में रहने वाले लोगों के लिए सरकार प्लॉट देने की योजना लेकर आई थी।

जब स्लम एरिया के लोगों को प्लॉट दिए गए हैं तो वो कहां है। इन लोगों के पास तो सिर छुपाने की जगह तक नहीं है। घटना से जुड़ी 3 तस्वीरें.. पीएम आवास योजना में फार्म भरे, प्लॉट नहीं मिला झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों ने नवीन जयहिंद को बताया कि वह कोई कब्जा नहीं कर रहे, लेकिन उन्हें दूसरी जगह दी जाए। लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी फार्म भरे, लेकिन ना तो उन्हें प्लॉट मिला और ना ही मकान।

वह सालों से रोहतक में रहते हैं, लेकिन उन्हें कोई सुविधा नहीं मिल रही। वोटर, आधार व राशन कार्ड, फिर भी छत नहीं नवीन जयहिंद ने कहा कि झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों के आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर कार्ड भी रोहतक के बने हुए है। सड़क बनाने का काम या रेलवे का काम, यही लोग करते हैं। बावजूद इनके सिर पर छत नहीं है। जो झुग्गी में गुजारा करते थे, वो भी प्रशासन ने छीन ली है। अब इनके रहने की व्यवस्था प्रशासन को दूसरी जगह करनी चाहिए।

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