CM सैनी बोले- फर्जी एजेंटों के खिलाफ कानून लाएंगे:डंकी रूट पर भेजने वाले गिरफ्तार होंगे; दिल्ली जीत पर जलेबी का भंडारा लगाया
हरियाणा के CM नायब सैनी आज दूसरी बार सूरजकुंड मेले में पहुंचे। इस दौरान सीएम ने बताया कि युवाओं को गलत तरीके से विदेश भेजने वाले एजेंटों की सूची बनाई जा रही है। सीएम के मुताबिक ऐसे एजेंटों पर लगाम कसने के लिए सरकार विधानसभा में एक एक्ट भी लाएगी। इसी दौरान दिल्ली के चुनावी नतीजों पर बोलते हुए सीएम ने कहा कि दिल्ली की जनता ने जो विश्वास भारतीय जनता पार्टी पर दिखाया है उसको सरकार पूरा करने का काम करेगी। दिल्ली की जनता से जो वादे केजरीवाल ने किए थे, वे किसी भी वादे पर खरे नहीं उतरे। आयुष्मान योजना का फायदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता को दे रहे हैं, लेकिन इंडिया गठबंधन के नेताओं के कुछ राज्यों में लोगों को इससे वंचित रखा जा रहा है। जिन राज्यों में अब इंडिया गठबंधन को हराकर भाजपा सरकार बना रही है वहां अब ये योजनाएं लागू हो रही हैं। इससे पहले सीएम सैनी हरियाणा भवन में गए थे। जहां बीजेपी की जीत की खुशी में उन्होंने जलेबी का भंडारा लगाया था। डिपोर्ट किए गए 104 लोगों में हरियाणा के 33 अमेरिका ने बुधवार (5 फरवरी) को नई इमिग्रेशन पॉलिसी के तहत 104 अवैध प्रवासी भारतीयों को जबरन डिपोर्ट किया था। अमेरिकी एयरफोर्स का विमान सी-17 ग्लोबमास्टर इन्हें लेकर भारत पहुंचा था। इनमें हरियाणा 33 लोग शामिल थे। इनमें से ज्यादातर लोग एजेंटों को लाखों रुपए देकर डंकी रूट के जरिए अवैध तरीके से अमेरिका में पहुंचे थे। कई लोग तो ऐसे थे जिन्होंने अपना घर और जमीन बेच कर एजेंट को फीस दी थी। सरकार अब इन्हीं एजेंटों के खिलाफ एक्शन की तैयारी में है। मेले में लंच किया, हरियाणा भवन में भंडारा कराया सीएम सैनी ने अपने कैबिनेट मंत्रियों के साथ मेले में बने होटल में लंच किया। इससे पहले वे 7 फरवरी को केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत के साथ मेले का उद्घाटन करने पहुंचे थे। वहीं सैनी ने आज हरियाणा भवन में नेताओं को जलेबी भी खिलाई। दिल्ली में चुनाव प्रचार के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने जलेबी का मुद्दा उठाया था। प्रचार के दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था " हमारे यहां 4 महीने पहले चुनाव हुए थे। राहुल गांधी राजी हुआ फिर रहा था कि हमारी सरकार आई हुई है। मगर, हरियाणा वालों ने राहुल गांधी की जलेबी बना दी। अबकी बार केजरीवाल की जलेबी बना दो। इसके बाद सभा में बैठे लोग हंसने लगते हैं और तालियां बजाते हैं। मुख्यमंत्री को कहते हैं बना देंगे...। मुख्यमंत्री ने पूछा- बना दोगे ना, लोगों ने कहा- हां बना देंगे। 8 फरवरी के बाद मैं जलेबी का भंडारा लगाऊंगा। यह मेला 23 फरवरी तक चलेगा। इसमें हस्तशिल्पियों के 1300 स्टॉल लगे हैं। इस मेले में 42 देशों के 648 कलाकार हिस्सा ले रहे हैं। जिसमें मिस्र, इथियोपिया, सीरिया, अफगानिस्तान, बेलारूस, म्यांमार समेत अन्य देशों के कलाकार शामिल हैं। इस बार मेले में ओडिशा और मध्यप्रदेश की स्टेट थीम रखी गई है। मेले में 3 विशेष पवेलियन बनाए गए हैं, जिनमें गोवा और ओडिशा के पवेलियन मुख्य आकर्षण बने हुए हैं। सूरजकुंड मेले के PHOTOS... डेली रात को सिंगर-एक्टर की परफॉर्मेंस इसके अलावा रोजाना रात को सिंगर भी परफॉर्मेंस देते हैं। पहले दिन 7 फरवरी की रात पंजाबी सूफी सिंगर सतिंदर सरताज और 8 फरवरी की रात को राजस्थानी फोक सिंगर मामे खान ने परफॉर्मेंस दी। आज रात कवि डॉ. इरशाद कामिल और हरियाणवी लोक कलाकार महावीर गुड्डू लोगों का मनोरंजन करेंगे। सूरजकुंड मेले में अफ्रीकी भैंस की हड्डियों से बनी ज्वेलरी सूरजकुंड मेले में हड्डियों से बनी महिलाओं की ज्वेलरी ग्राहकों का ध्यान खींच रही है। इसमें अंगूठी से लेकर गले का हार, ब्रेसलेट और कानों के झुमके तक शामिल हैं। इसके अलावा सींग से बना बीयर मग और ड्रिंक शॉट भी उपलब्ध हैं। उत्तर प्रदेश के संभल से आए शिल्पकार ऐसे ही कई प्रोडक्ट साथ लेकर आए हैं। उनका कहना है कि ये सारे आइटम्स अफ्रीकी भैंस की हड्डियों और सींग से बनते हैं। केंद्र सरकार इन हड्डियों को मंगवाकर उन्हें बेचती है। इससे सालाना उनकी 40 लाख रुपए तक कमाई होती है। इसके अलावा अमेरिका समेत कई देशों में इसकी सप्लाई भी होती है। हड्डियों से बने प्रोडक्ट्स की तस्वीरें... दादा ने दादी के लिए कंघी बनाई और पुश्तैनी काम बन गया सूरजकुंड मेले में स्टॉल लगाकर बैठे संभल के शिल्पकार मोहम्मद शोएब बताते हैं कि उनके दादा यह काम करते थे। असल में उनकी दादी को कंघी की जरूरत थी। उनके दादा ने इसी तरह हड्डियों से कंघी बनाकर उन्हें दी। इसके बाद और भी प्रोडक्ट तैयार करने शुरू कर दिए। धीरे-धीरे यह उनका पुश्तैनी काम बन गया। शोएब बताते हैं कि वह बीकॉम पढ़े हैं। वह नौकरी करना चाहते थे। उन्हें इस काम में कोई दिलचस्पी नहीं थी। हालांकि, उन्होंने परिजनों के कहने पर कुछ दिन इसका काम किया तो उन्हें पसंद आया। इसके बाद उन्होंने इसे पेशे के तौर पर चुन लिया। कहां से मिलती हैं हडि्डयां शोएब बताते हैं कि भारत सरकार अफ्रीका से अफ्रीकी भैंस के सींग और उसकी हड्डियों को मंगाती है। इन्हें आगे शिल्पकारों को बेच दिया जाता है। वह बताते हैं कि ऐसा नहीं है कि हड्डियां और सींग मिलते ही उसके प्रोडक्ट बना देते हैं। हड्डी की पहले कई दिन तक प्रोसेसिंग की जाती है। इसमें उसे गर्म कर मांस को पूरी तरह साफ किया जाता है। फिर उसे केमिकल से भी साफ किया जाता है, ताकि उसमें कोई बदबू न रहे। इन सब कामों में एक हफ्ते का टाइम लग जाता है। इसके बाद मशीन के जरिए अलग-अलग तरह के प्रोडक्ट बनाए जाते हैं। यूरोपीय देशों में ज्यादा डिमांड मोहम्मद शोएब बताते हैं कि उनके प्रोडक्ट्स की डिमांड विदेश में ज्यादा है। जर्मनी, अमेरिका, इटली, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया में उनके प्रोडक्ट्स जाते हैं। यूरोपीय देशों में कई प्रोडक्ट्स की ज्यादा डिमांड है।
हरियाणा के CM नायब सैनी आज दूसरी बार सूरजकुंड मेले में पहुंचे। इस दौरान सीएम ने बताया कि युवाओं को गलत तरीके से विदेश भेजने वाले एजेंटों की सूची बनाई जा रही है। सीएम के मुताबिक ऐसे एजेंटों पर लगाम कसने के लिए सरकार विधानसभा में एक एक्ट भी लाएगी। इसी दौरान दिल्ली के चुनावी नतीजों पर बोलते हुए सीएम ने कहा कि दिल्ली की जनता ने जो विश्वास भारतीय जनता पार्टी पर दिखाया है उसको सरकार पूरा करने का काम करेगी। दिल्ली की जनता से जो वादे केजरीवाल ने किए थे, वे किसी भी वादे पर खरे नहीं उतरे। आयुष्मान योजना का फायदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता को दे रहे हैं, लेकिन इंडिया गठबंधन के नेताओं के कुछ राज्यों में लोगों को इससे वंचित रखा जा रहा है। जिन राज्यों में अब इंडिया गठबंधन को हराकर भाजपा सरकार बना रही है वहां अब ये योजनाएं लागू हो रही हैं। इससे पहले सीएम सैनी हरियाणा भवन में गए थे। जहां बीजेपी की जीत की खुशी में उन्होंने जलेबी का भंडारा लगाया था। डिपोर्ट किए गए 104 लोगों में हरियाणा के 33
अमेरिका ने बुधवार (5 फरवरी) को नई इमिग्रेशन पॉलिसी के तहत 104 अवैध प्रवासी भारतीयों को जबरन डिपोर्ट किया था। अमेरिकी एयरफोर्स का विमान सी-17 ग्लोबमास्टर इन्हें लेकर भारत पहुंचा था। इनमें हरियाणा 33 लोग शामिल थे। इनमें से ज्यादातर लोग एजेंटों को लाखों रुपए देकर डंकी रूट के जरिए अवैध तरीके से अमेरिका में पहुंचे थे। कई लोग तो ऐसे थे जिन्होंने अपना घर और जमीन बेच कर एजेंट को फीस दी थी। सरकार अब इन्हीं एजेंटों के खिलाफ एक्शन की तैयारी में है। मेले में लंच किया, हरियाणा भवन में भंडारा कराया
सीएम सैनी ने अपने कैबिनेट मंत्रियों के साथ मेले में बने होटल में लंच किया। इससे पहले वे 7 फरवरी को केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत के साथ मेले का उद्घाटन करने पहुंचे थे। वहीं सैनी ने आज हरियाणा भवन में नेताओं को जलेबी भी खिलाई। दिल्ली में चुनाव प्रचार के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने जलेबी का मुद्दा उठाया था। प्रचार के दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था " हमारे यहां 4 महीने पहले चुनाव हुए थे। राहुल गांधी राजी हुआ फिर रहा था कि हमारी सरकार आई हुई है। मगर, हरियाणा वालों ने राहुल गांधी की जलेबी बना दी। अबकी बार केजरीवाल की जलेबी बना दो। इसके बाद सभा में बैठे लोग हंसने लगते हैं और तालियां बजाते हैं। मुख्यमंत्री को कहते हैं बना देंगे...। मुख्यमंत्री ने पूछा- बना दोगे ना, लोगों ने कहा- हां बना देंगे। 8 फरवरी के बाद मैं जलेबी का भंडारा लगाऊंगा। यह मेला 23 फरवरी तक चलेगा। इसमें हस्तशिल्पियों के 1300 स्टॉल लगे हैं। इस मेले में 42 देशों के 648 कलाकार हिस्सा ले रहे हैं। जिसमें मिस्र, इथियोपिया, सीरिया, अफगानिस्तान, बेलारूस, म्यांमार समेत अन्य देशों के कलाकार शामिल हैं। इस बार मेले में ओडिशा और मध्यप्रदेश की स्टेट थीम रखी गई है। मेले में 3 विशेष पवेलियन बनाए गए हैं, जिनमें गोवा और ओडिशा के पवेलियन मुख्य आकर्षण बने हुए हैं। सूरजकुंड मेले के PHOTOS... डेली रात को सिंगर-एक्टर की परफॉर्मेंस इसके अलावा रोजाना रात को सिंगर भी परफॉर्मेंस देते हैं। पहले दिन 7 फरवरी की रात पंजाबी सूफी सिंगर सतिंदर सरताज और 8 फरवरी की रात को राजस्थानी फोक सिंगर मामे खान ने परफॉर्मेंस दी। आज रात कवि डॉ. इरशाद कामिल और हरियाणवी लोक कलाकार महावीर गुड्डू लोगों का मनोरंजन करेंगे। सूरजकुंड मेले में अफ्रीकी भैंस की हड्डियों से बनी ज्वेलरी सूरजकुंड मेले में हड्डियों से बनी महिलाओं की ज्वेलरी ग्राहकों का ध्यान खींच रही है। इसमें अंगूठी से लेकर गले का हार, ब्रेसलेट और कानों के झुमके तक शामिल हैं। इसके अलावा सींग से बना बीयर मग और ड्रिंक शॉट भी उपलब्ध हैं। उत्तर प्रदेश के संभल से आए शिल्पकार ऐसे ही कई प्रोडक्ट साथ लेकर आए हैं। उनका कहना है कि ये सारे आइटम्स अफ्रीकी भैंस की हड्डियों और सींग से बनते हैं। केंद्र सरकार इन हड्डियों को मंगवाकर उन्हें बेचती है। इससे सालाना उनकी 40 लाख रुपए तक कमाई होती है। इसके अलावा अमेरिका समेत कई देशों में इसकी सप्लाई भी होती है। हड्डियों से बने प्रोडक्ट्स की तस्वीरें... दादा ने दादी के लिए कंघी बनाई और पुश्तैनी काम बन गया
सूरजकुंड मेले में स्टॉल लगाकर बैठे संभल के शिल्पकार मोहम्मद शोएब बताते हैं कि उनके दादा यह काम करते थे। असल में उनकी दादी को कंघी की जरूरत थी। उनके दादा ने इसी तरह हड्डियों से कंघी बनाकर उन्हें दी। इसके बाद और भी प्रोडक्ट तैयार करने शुरू कर दिए। धीरे-धीरे यह उनका पुश्तैनी काम बन गया। शोएब बताते हैं कि वह बीकॉम पढ़े हैं। वह नौकरी करना चाहते थे। उन्हें इस काम में कोई दिलचस्पी नहीं थी। हालांकि, उन्होंने परिजनों के कहने पर कुछ दिन इसका काम किया तो उन्हें पसंद आया। इसके बाद उन्होंने इसे पेशे के तौर पर चुन लिया। कहां से मिलती हैं हडि्डयां
शोएब बताते हैं कि भारत सरकार अफ्रीका से अफ्रीकी भैंस के सींग और उसकी हड्डियों को मंगाती है। इन्हें आगे शिल्पकारों को बेच दिया जाता है। वह बताते हैं कि ऐसा नहीं है कि हड्डियां और सींग मिलते ही उसके प्रोडक्ट बना देते हैं। हड्डी की पहले कई दिन तक प्रोसेसिंग की जाती है। इसमें उसे गर्म कर मांस को पूरी तरह साफ किया जाता है। फिर उसे केमिकल से भी साफ किया जाता है, ताकि उसमें कोई बदबू न रहे। इन सब कामों में एक हफ्ते का टाइम लग जाता है। इसके बाद मशीन के जरिए अलग-अलग तरह के प्रोडक्ट बनाए जाते हैं। यूरोपीय देशों में ज्यादा डिमांड
मोहम्मद शोएब बताते हैं कि उनके प्रोडक्ट्स की डिमांड विदेश में ज्यादा है। जर्मनी, अमेरिका, इटली, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया में उनके प्रोडक्ट्स जाते हैं। यूरोपीय देशों में कई प्रोडक्ट्स की ज्यादा डिमांड है।



