हरियाणा में प्राध्यापक लेंगे ट्रेनिंग:खेल के माध्यम से दिया जाएगा पढ़ाई का प्रशिक्षण, 4 सेंटर पर 11 नवंबर से होगी शुरू

हरियाणा में अंग्रेजी, अर्थशास्त्र और समाज शास्त्र के प्राध्यापकों को खेल-खेल में पढ़ाई की ट्रेनिंग दी जाएगी। जिसके लिए 11 नवंबर से ट्रेनिंग शुरू होगी। इस ट्रेनिंग के दौरान अध्यापकों को प्राचीन समय में खेले जाने वाले स्पोर्ट्स और आर्ट के जरिए ट्रेनिंग दी जाएगी। ताकि प्राध्यापक बच्चों को भी उसी प्रकार से पढ़ाई करवा पाएं। नई शिक्षा नीति के तहत सरकार शिक्षा में सुधार के लिए कदम उठा रही है। इसी दिशा में यह ट्रेनिंग करवाई जा रहे हैं। इसमें आर्ट एजुकेशन इंटिग्रेटिड, स्पोर्ट्स एजुकेशन इंटिग्रेटिड को ध्यान में रखा जाता है। 9वीं कक्षा से 12वीं कक्षा के प्राध्यापकों को ट्रेनिंग दी जा रही है। नई शिक्षा नीति के तहत सभी प्राध्यापकों को पांच दिन में 30-30 घंटे की ट्रेनिंग दी जाएगी। अंग्रेजी, अर्थशास्त्र एवं समाज शास्त्र के प्राध्यापकों की होगी ट्रेनिंग राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद हरियाणा द्वारा प्रदेश के सभी डाइट प्राचार्य को पत्र लिखा है। जिसके तहत निर्देश दिए गए हैं कि समग्र शिक्षा के अंतर्गत अंग्रेजी, अर्थशास्त्र एवं समाज शास्त्र के प्राध्यापकों के पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर लगाए जाएंगे। जो 11 नवंबर से शुरू होगी और पांच दिनों तक चलेगी। वहीं कुछ जिलों में समाज शास्त्र के प्राध्यापकों की संख्या कम है, इसलिए केवल समाज शास्त्र विषय के प्रशिक्षण स्थल केवल चार जिलों में ही बनाए गए हैं। इसके अलावा अन्य विषयों के प्रशिक्षण स्थल उनके जिले के डाइट में बनाए गए हैं। इसके अलावा सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी और डाइट प्राचार्य को कहा कि वे अपने अधीनस्थ प्राध्यापकों को निर्धारित जिले व स्थान पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए निर्देशित करें। समाज शास्त्र विषय के प्राध्यापकों के लिए बनाए गए सेंटर न्यू एजुकेशन पॉलिसी के तहत दी जा रही ट्रेनिंग रोहतक डाइट के प्राचार्य विरेंद्र मलिक ने बताया कि भारत सरकार 2020 न्यू एजुकेशन पॉलिसी को हरियाणा सरकार ने लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके तहत ही प्राध्यापकों को ट्रेनिंग दी जा रही है। ट्रेनिंग का उद्देश्य आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारत के प्राचीन मूल्य व पद्धतियां हैं, उनसे बच्चों को जोड़ना है। पहले जो बचपन में खेल खेलते थे और माता-दादी जो काम करती थी, उनको पढ़ाई में शामिल करने के लिए ट्रेनिंग में बताया जाता है।

हरियाणा में प्राध्यापक लेंगे ट्रेनिंग:खेल के माध्यम से दिया जाएगा पढ़ाई का प्रशिक्षण, 4 सेंटर पर 11 नवंबर से होगी शुरू

हरियाणा में अंग्रेजी, अर्थशास्त्र और समाज शास्त्र के प्राध्यापकों को खेल-खेल में पढ़ाई की ट्रेनिंग दी जाएगी। जिसके लिए 11 नवंबर से ट्रेनिंग शुरू होगी। इस ट्रेनिंग के दौरान अध्यापकों को प्राचीन समय में खेले जाने वाले स्पोर्ट्स और आर्ट के जरिए ट्रेनिंग दी जाएगी। ताकि प्राध्यापक बच्चों को भी उसी प्रकार से पढ़ाई करवा पाएं। नई शिक्षा नीति के तहत सरकार शिक्षा में सुधार के लिए कदम उठा रही है। इसी दिशा में यह ट्रेनिंग करवाई जा रहे हैं।

इसमें आर्ट एजुकेशन इंटिग्रेटिड, स्पोर्ट्स एजुकेशन इंटिग्रेटिड को ध्यान में रखा जाता है। 9वीं कक्षा से 12वीं कक्षा के प्राध्यापकों को ट्रेनिंग दी जा रही है। नई शिक्षा नीति के तहत सभी प्राध्यापकों को पांच दिन में 30-30 घंटे की ट्रेनिंग दी जाएगी। अंग्रेजी, अर्थशास्त्र एवं समाज शास्त्र के प्राध्यापकों की होगी ट्रेनिंग राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद हरियाणा द्वारा प्रदेश के सभी डाइट प्राचार्य को पत्र लिखा है। जिसके तहत निर्देश दिए गए हैं कि समग्र शिक्षा के अंतर्गत अंग्रेजी, अर्थशास्त्र एवं समाज शास्त्र के प्राध्यापकों के पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर लगाए जाएंगे।

जो 11 नवंबर से शुरू होगी और पांच दिनों तक चलेगी। वहीं कुछ जिलों में समाज शास्त्र के प्राध्यापकों की संख्या कम है, इसलिए केवल समाज शास्त्र विषय के प्रशिक्षण स्थल केवल चार जिलों में ही बनाए गए हैं। इसके अलावा अन्य विषयों के प्रशिक्षण स्थल उनके जिले के डाइट में बनाए गए हैं। इसके अलावा सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी और डाइट प्राचार्य को कहा कि वे अपने अधीनस्थ प्राध्यापकों को निर्धारित जिले व स्थान पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए निर्देशित करें।

समाज शास्त्र विषय के प्राध्यापकों के लिए बनाए गए सेंटर न्यू एजुकेशन पॉलिसी के तहत दी जा रही ट्रेनिंग रोहतक डाइट के प्राचार्य विरेंद्र मलिक ने बताया कि भारत सरकार 2020 न्यू एजुकेशन पॉलिसी को हरियाणा सरकार ने लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके तहत ही प्राध्यापकों को ट्रेनिंग दी जा रही है। ट्रेनिंग का उद्देश्य आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारत के प्राचीन मूल्य व पद्धतियां हैं, उनसे बच्चों को जोड़ना है। पहले जो बचपन में खेल खेलते थे और माता-दादी जो काम करती थी, उनको पढ़ाई में शामिल करने के लिए ट्रेनिंग में बताया जाता है।

Latest News Latest Media Community