हुड्डा-सैलजा 9 महीने बाद एक साथ दिखे:सोफे पर साथ बैठे, हंसती दिखीं सांसद; विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी ने हाथ मिलवाए थे
हरियाणा में सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा 9 महीने बाद एक साथ दिखे। कुमारी सैलजा रविवार को रोहतक में हुड्डा की भाभी राजवती हुड्डा के निधन पर श्रद्धांजलि सभा में पहुंचीं थीं। इस दौरान एक तस्वीर सामने आई, जिसमें सोफे पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कुमारी सैलजा साथ दिखे।
हरियाणा में सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा 9 महीने बाद एक साथ दिखे। कुमारी सैलजा रविवार को रोहतक में हुड्डा की भाभी राजवती हुड्डा के निधन पर श्रद्धांजलि सभा में पहुंचीं थीं। इस दौरान एक तस्वीर सामने आई, जिसमें सोफे पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कुमारी सैलजा साथ दिखे। यहां दोनों ने एक दूसरे से बातचीत भी की। उनके बीच में पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह भी बैठे हुए थे। कुमारी सैलजा और बीरेंद्र सिंह हंसते हुए दिख रहे हैं।
4 जून को राहुल गांधी के दौरे के दौरान भी दोनों साथ आए थे, लेकिन उनकी साथ में तस्वीर सामने नहीं आई। इससे पहले, विधानसभा चुनाव की वोटिंग से पहले 2 अक्टूबर 2024 को अंबाला में साथ दिखे थे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंच पर दोनों के हाथ मिलवाए थे। विधानसभा चुनाव में दोनों के बीच टिकट बंटवारे को लेकर विवाद हुआ था। राहुल गांधी ने दोनों के हाथ मिलवाकर गुटबाजी दूर करने की कोशिश की थी। CM-सैनी और स्वामी रामदेव भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे राजवती हुड्डा का 23 जून को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया था। उनकी श्रद्धांजलि सभा आज रोहतक के निजी बैंक्वेट हॉल में रखी गई थी।
यहां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, स्वामी रामदेव, सांसद नवीन जिंदल, विधायक सावित्री जिंदल, कांग्रेस नेता राज बब्बर समेत कई बड़े नेता पहुंचे। हुड्डा की भाभी के निधन पर किसने क्या कहा... नायब सैनी: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राजवती देवी का लंबा सामाजिक जीवन रहा है। राजवती देवी हमेशा परिवार को साथ लेकर चली हैं, जिसके कारण उन्हें आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। स्वामी रामेदव: स्वामी रामदेव ने कहा कि राजवती देवी ने परिवार को एक सूत्र में बांधकर रखने का प्रयास किया और समाज की सेवा में लगी रहीं।
परिवार के सदस्यों को उनके दिखाए मार्ग पर चलना चाहिए। संगठन विस्तार के लिए 4 जून को हरियाणा आए थे राहुल गांधी हरियाणा में कांग्रेस के संगठन विस्तार को लेकर इसी महीने 4 जून को राहुल गांधी हरियाणा आए थे। चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस भवन में उन्होंने कांग्रेस के सीनियर लीडर्स की मीटिंग ली। राहुल ने नेताओं को दो-टूक में कहा कि संगठन बनाने में किसी नेता की सिफारिश नहीं चलेगी। गुटबाजी से पार्टी को नुकसान सहन नहीं होगा। जिलाध्यक्ष बनने के लिए 35 से 55 साल के बीच की आयु सीमा की शर्त रहेगी। नए चेहरों को भी मौका मिल सकता है। कोई नामी खिलाड़ी या समाजसेवी को भी जिलाध्यक्ष बनने का मौका मिल सकता है।



