हरियाणा में निकाय चुनावों की घोषणा, ट्रांसफर-टेंडर पर रोक:हिसार-रोहतक समेत 7 निगम, 33 पालिका-परिषदों में एक साथ वोटिंग; पानीपत की अलग होगी
हरियाणा में निकाय चुनाव का ऐलान हो गया है। 7 नगर निगमों समेत 40 निकायों में 2 मार्च को वोटिंग होगी। जबकि पानीपत नगर निगम में वोटिंग 9 मार्च को होगी। सभी जगह के नतीजे एक साथ 12 मार्च को आएंगे। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी धनपत सिंह ने मंगलवार को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव के लिए पानीपत को छोड़कर बाकी सभी जगह 5 फरवरी को नोटिफिकेशन होगा। नामांकन 11 फरवरी को शुरू होंगे, जो 17 फरवरी तक चलेंगे। 19 फरवरी तक नामांकन वापस लिए जा सकेंगे। इसी दिन 3 बजे के बाद उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए जाएंगे। हालांकि पानीपत में नामांकन 21 से 27 फरवरी तक होंगे। यहां 28 फरवरी को नामांकन की पड़ताल और 1 मार्च तक वापस लिए जा सकेंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त धनपत सिंह ने बताया कि अभी पानीपत नगर निगम की वोटर लिस्ट फाइनल नहीं हो पाई है। संभवत: 18 फरवरी तक लिस्ट फाइनल हो जाए, इस कारण से पानीपत के चुनाव अलग कराए जा रहे हैं। चुनाव की घोषणा के साथ ही प्रदेश में आचार संहिता लागू हो गई है। इस दौरान सरकार को अपने स्तर पर ट्रांसफर करने और विकास कार्यों के टेंडर निकालने पर रोक लगा दी गई है। ट्रांसफर के लिए पहले आयोग से परमिशन लेनी होगी। वहीं पुराने विकास कार्य जारी रह सकेंगे। पानीपत को छोड़कर बाकी जगहों पर चुनाव का शेड्यूल... किन–किन शहरों में निकाय चुनाव मुख्य निर्वाचन अधिकारी धनपत सिंह ने कहा कि फरीदाबाद, गुरुग्राम, मानेसर, पानीपत, रोहतक, यमुनानगर, हिसार और करनाल में मेयर और सभी वार्डों के चुनाव होंगे। सोनीपत और अंबाला में सिर्फ मेयर के लिए चुनाव होंगे क्योंकि यहां से मेयर निखिल मदान और शक्तिरानी शर्मा विधायक चुने जा चुके हैं। नगर परिषद सोहना और नगर पालिका असंध व इस्माइलाबाद में अध्यक्ष पद के लिए उपचुनाव हाेंगे। इसके अलावा पटौदी, थानेसर, सिरसा और अंबाला सदर नगर परिषद में सभी पदों पर चुनाव होंगे। 21 नगर पालिकाओं में अध्यक्ष और वार्ड मेंबर के चुनाव होंगे। चुनाव की घोषणा करते मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अहम बातें.. 1. उम्मीदवारों को आपराधिक रिकॉर्ड बताना होगा सभी उम्मीदवारों को अपना घोषणा पत्र जारी करना होगा। जिसमें अपने आपराधिक रिकॉर्ड, प्रॉपर्टी और दूसरे अन्य विवादों के बारे में बताना होगा। यह घोषणा पत्र अखबारों में प्रकाशित कराना होगा। इस बारे में रिटर्निंग अफसर (RO) दिशा-निर्देश देगा। यदि कोई उम्मीदवार राजनीतिक दल से है तो उसे पार्टी के स्तर पर सूचना देनी होगी और इसके बारे में रिटर्निंग अफसर को बताना होगा। 2. बैलेट पेपर पर उम्मीदवार की फोटो होगी वोटर को किसी तरह की कन्फ्यूजन न हो, इसके लिए बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों के फोटो भी होंगे। वोटिंग के लिए 4500 बूथ बनाए जाएंगे। इनमें संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथ भी रहेंगे। यहां सुरक्षा के लिए अतिरिक्त बंदोबस्त किए जाएंगे। सुरक्षा को लेकर डीजीपी से फोर्स मांगी गई है। चुनाव में 25 हजार कर्मचारी तैनात रहेंगे। चुनाव में करीब 10 हजार EVM मशीनों का प्रयोग किया जाएगा। 3. मेयर के लिए 10 हजार सिक्योरिटी, 30 लाख खर्च कर सकेंगे निगम में मेयर पद का चुनाव लड़ने के लिए 10 हजार सिक्योरिटी जमा करानी होगी। मेयर पद के उम्मीदवार चुनाव में 30 लाख तक खर्च कर सकेंगे। इसके अलावा पार्षद को 3 हजार की सिक्योरिटी देनी होगी। चुनाव प्रचार में वह साढ़े 7 लाख रुपए खर्च कर सकते हैं। नगर परिषद में अध्यक्ष के लिए सिक्योरिटी 5 हजार होगी और वह 20 लाख रुपए तक प्रचार में खर्च कर सकेंगे। इसके अलावा नगर परिषद मेंबर के लिए सिक्योरिटी डेढ़ हजार होगी और वह चुनाव में साढ़े 4 लाख तक खर्च कर सकेंगे। नगर पालिका के अध्यक्ष पद की सिक्योरिटी 3 हजार रहेगी। वह चुनाव प्रचार में 12.50 लाख तक खर्च कर सकेंगे। मेंबर पद के लिए सिक्योरिटी डेढ़ हजार रहेगी। वह चुनाव में साढ़े 4 लाख तक खर्च कर सकेंगे। राजनीतिक दलों की तैयारी, BJP पार्टी चुनाव निशान पर लड़ेगी विधानसभा चुनाव में जीत के बाद हरियाणा भाजपा पहले ही घोषणा कर चुकी है कि वह सभी नगर पालिकाओं का चुनाव अपने पार्टी चिन्ह पर लड़ेगी। कांग्रेस परंपरागत रूप से मेयर सहित नगर निगमों का चुनाव अपने पार्टी चिन्ह पर लड़ती है। हालांकि, इसको लेकर औपचारिक निर्णय अभी पार्टी हाईकमान द्वारा लिया जाना है। आम आदमी पार्टी (AAP) भी सभी निकाय चुनाव पार्टी चिन्ह पर लड़ने की घोषणा कर चुकी है।
हरियाणा में निकाय चुनाव का ऐलान हो गया है। 7 नगर निगमों समेत 40 निकायों में 2 मार्च को वोटिंग होगी। जबकि पानीपत नगर निगम में वोटिंग 9 मार्च को होगी। सभी जगह के नतीजे एक साथ 12 मार्च को आएंगे। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी धनपत सिंह ने मंगलवार को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव के लिए पानीपत को छोड़कर बाकी सभी जगह 5 फरवरी को नोटिफिकेशन होगा। नामांकन 11 फरवरी को शुरू होंगे, जो 17 फरवरी तक चलेंगे। 19 फरवरी तक नामांकन वापस लिए जा सकेंगे। इसी दिन 3 बजे के बाद उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए जाएंगे। हालांकि पानीपत में नामांकन 21 से 27 फरवरी तक होंगे। यहां 28 फरवरी को नामांकन की पड़ताल और 1 मार्च तक वापस लिए जा सकेंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त धनपत सिंह ने बताया कि अभी पानीपत नगर निगम की वोटर लिस्ट फाइनल नहीं हो पाई है। संभवत: 18 फरवरी तक लिस्ट फाइनल हो जाए, इस कारण से पानीपत के चुनाव अलग कराए जा रहे हैं। चुनाव की घोषणा के साथ ही प्रदेश में आचार संहिता लागू हो गई है। इस दौरान सरकार को अपने स्तर पर ट्रांसफर करने और विकास कार्यों के टेंडर निकालने पर रोक लगा दी गई है। ट्रांसफर के लिए पहले आयोग से परमिशन लेनी होगी। वहीं पुराने विकास कार्य जारी रह सकेंगे। पानीपत को छोड़कर बाकी जगहों पर चुनाव का शेड्यूल... किन–किन शहरों में निकाय चुनाव
मुख्य निर्वाचन अधिकारी धनपत सिंह ने कहा कि फरीदाबाद, गुरुग्राम, मानेसर, पानीपत, रोहतक, यमुनानगर, हिसार और करनाल में मेयर और सभी वार्डों के चुनाव होंगे। सोनीपत और अंबाला में सिर्फ मेयर के लिए चुनाव होंगे क्योंकि यहां से मेयर निखिल मदान और शक्तिरानी शर्मा विधायक चुने जा चुके हैं। नगर परिषद सोहना और नगर पालिका असंध व इस्माइलाबाद में अध्यक्ष पद के लिए उपचुनाव हाेंगे। इसके अलावा पटौदी, थानेसर, सिरसा और अंबाला सदर नगर परिषद में सभी पदों पर चुनाव होंगे। 21 नगर पालिकाओं में अध्यक्ष और वार्ड मेंबर के चुनाव होंगे। चुनाव की घोषणा करते मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अहम बातें.. 1. उम्मीदवारों को आपराधिक रिकॉर्ड बताना होगा
सभी उम्मीदवारों को अपना घोषणा पत्र जारी करना होगा। जिसमें अपने आपराधिक रिकॉर्ड, प्रॉपर्टी और दूसरे अन्य विवादों के बारे में बताना होगा। यह घोषणा पत्र अखबारों में प्रकाशित कराना होगा। इस बारे में रिटर्निंग अफसर (RO) दिशा-निर्देश देगा। यदि कोई उम्मीदवार राजनीतिक दल से है तो उसे पार्टी के स्तर पर सूचना देनी होगी और इसके बारे में रिटर्निंग अफसर को बताना होगा। 2. बैलेट पेपर पर उम्मीदवार की फोटो होगी
वोटर को किसी तरह की कन्फ्यूजन न हो, इसके लिए बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों के फोटो भी होंगे। वोटिंग के लिए 4500 बूथ बनाए जाएंगे। इनमें संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथ भी रहेंगे। यहां सुरक्षा के लिए अतिरिक्त बंदोबस्त किए जाएंगे। सुरक्षा को लेकर डीजीपी से फोर्स मांगी गई है। चुनाव में 25 हजार कर्मचारी तैनात रहेंगे। चुनाव में करीब 10 हजार EVM मशीनों का प्रयोग किया जाएगा। 3. मेयर के लिए 10 हजार सिक्योरिटी, 30 लाख खर्च कर सकेंगे
निगम में मेयर पद का चुनाव लड़ने के लिए 10 हजार सिक्योरिटी जमा करानी होगी। मेयर पद के उम्मीदवार चुनाव में 30 लाख तक खर्च कर सकेंगे। इसके अलावा पार्षद को 3 हजार की सिक्योरिटी देनी होगी। चुनाव प्रचार में वह साढ़े 7 लाख रुपए खर्च कर सकते हैं। नगर परिषद में अध्यक्ष के लिए सिक्योरिटी 5 हजार होगी और वह 20 लाख रुपए तक प्रचार में खर्च कर सकेंगे। इसके अलावा नगर परिषद मेंबर के लिए सिक्योरिटी डेढ़ हजार होगी और वह चुनाव में साढ़े 4 लाख तक खर्च कर सकेंगे। नगर पालिका के अध्यक्ष पद की सिक्योरिटी 3 हजार रहेगी। वह चुनाव प्रचार में 12.50 लाख तक खर्च कर सकेंगे। मेंबर पद के लिए सिक्योरिटी डेढ़ हजार रहेगी। वह चुनाव में साढ़े 4 लाख तक खर्च कर सकेंगे। राजनीतिक दलों की तैयारी, BJP पार्टी चुनाव निशान पर लड़ेगी
विधानसभा चुनाव में जीत के बाद हरियाणा भाजपा पहले ही घोषणा कर चुकी है कि वह सभी नगर पालिकाओं का चुनाव अपने पार्टी चिन्ह पर लड़ेगी। कांग्रेस परंपरागत रूप से मेयर सहित नगर निगमों का चुनाव अपने पार्टी चिन्ह पर लड़ती है। हालांकि, इसको लेकर औपचारिक निर्णय अभी पार्टी हाईकमान द्वारा लिया जाना है। आम आदमी पार्टी (AAP) भी सभी निकाय चुनाव पार्टी चिन्ह पर लड़ने की घोषणा कर चुकी है।



