हरियाणा के युवक की फैक्ट्री में पहुंचे राहुल गांधी:पूछा- OBC वर्ग से कितने लोग इस इंडस्ट्री में हैं; दोनों के बीच 13 सवाल-जवाब पढ़िए
लोकसभा में विपक्षी दल कांग्रेस के नेता राहुल गांधी हरियाणा के नारनौल के रहने वाले विक्की सैनी की फैशन डिजाइनिंग फैक्ट्री में पहुंचे। उन्होंने विक्की के काम की तारीफ की। इस दौरान राहुल गांधी ने टेक्सटाइल के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विक्की सैनी से कई सवाल किए। उन्होंने OBC को लेकर भी सवाल पूछा। पूछा कि OBC के कितने लोग इस फील्ड में हैं? सिस्टम कैसे काम करता है और आने वाली दिक्कतों को कैसे दूर किया जा सकता है?। राहुल गांधी ने कहा भी कि बिना पहुंच के देश में कोई काम नहीं होता। वह ऐसा सिस्टम चाहते हैं कि लोगों के काम बिना पहुंच के बन जाएं। राहुल गांधी ने विक्की सैनी की संघर्ष से सफलता तक की कहानी को अपने यूट्यूब चैनल पर शेयर भी किया। वीडियो के साथ उन्होंने लिखा- "क्या एक OBC युवा इंडियन फैशन का टॉप डिजाइनर बन सकता है?" विक्की सैनी ने दिल्ली के हौज खास के पास रेडिमेड कपड़ों की एक फैक्ट्री लगाई हुई है। वह मुख्य रूप से नेहरू जैकेट और मेंस वियर ही बनाते हैं। मगर, वह महिलाओं के लहंगे भी डिजाइन करते हैं। उनकी फैक्ट्री में 40 से ज्यादा वर्कर काम करते हैं। उसके इस काम से प्रभावित राहुल गांधी ने 5 अप्रैल को उसकी फैक्ट्री का दौरा किया। राहुल गांधी और विक्की सैनी के बीच हुए सवाल-जवाब... 1.राहुल गांधी: फैक्ट्री स्टार्ट कैसे की? विक्की: जीरो से की सर, जैसे एक खेत में बीज डालकर करते हैं। 2.राहुल गांधी: आइडिया कहां से आया? विक्की: फैशन टीवी देखता था। वहां से फैशन डिजाइनिंग में जाने का मन किया। पापा की सब्जी की दुकान है, इसलिए बिजनेस माइंडसेट पहले से ही है। आज का कारीगर यह काम नहीं करता। 3.राहुल गांधी: क्यों? विक्की: यह बड़ा ही हुनर का काम है। दिनभर बैठकर हाथों से काम करना पड़ता है। 4.राहुल गांधी: कितना मिलता है? विक्की: पूरे दिन के एक कारीगर को 600 से 700 रुपए ही मिलते हैं। 5.राहुल गांधी: कितने में बिकता है? विक्की: एक के 18 से 20 हजार रुपए। 6.राहुल गांधी: मेजरमेंट शॉप पर होती है? विक्की: हां, मेजरमेंट शॉप पर होती है। इस दौरान विक्की ने बातों के बीच राहुल गांधी को अपना लॉकडाउन का स्टॉक दिखाया। विक्की ने कहा कि यह स्टॉक अब डंप हो गया है। 7.राहुल गांधी: कितने का सामान डंप हो गया? विक्की: यह 30 से 40 लाख रुपए का सामान है। 8. राहुल गांधी: आपके पापा को कैसा लगता है? विक्की: पापा देखते हैं, मिडिल फैमिली से हैं न, इसलिए फाइनेंस की थोड़ी सोचते हैं। 9. राहुल गांधी: आपका मिशन क्या है? विक्की: लोअर यानी मिडिल क्लास से हायर बनना चाहता हूं। 10. राहुल गांधी: OBC से हो? विक्की: हां, मैं OBC से हूं, सैनी। 11. राहुल गांधी: डिजाइनिंग इंडस्ट्रीज में और भी OBC से हैं? विक्की: नहीं। 12. राहुल गांधी: ऐसा क्यों? विक्की: OBC वर्ग के पास इतनी सुविधाएं नहीं हैं कि वह अपना बिजनेस इसमें कर सकें। 13. राहुल गांधी: टेक्सटाइल में कोई बड़ा OBC है क्या? विक्की: मेरी नजर में तो नहीं है। बिचौलिया सिस्टम पर उठाए सवाल राहुल गांधी के सामने विक्की ने बिचौलिया सिस्टम पर सवाल उठाए। विक्की ने कहा कि बिचौलिया हर जगह हावी हैं। वे कम दाम में सामान लेकर अच्छे दामों में बेच देते हैं। क्योंकि, बड़ों से उनकी पहचान नहीं होती। इसका फायदा बिचौलिए उठाते हैं। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि वह इस पर ही काम कर रहे हैं। वह चाहते हैं कि हिंदुस्तान में जिनकी पहुंच नहीं है, उसे सिस्टम में लाया जाए और उसकी पहचान बनाई जाए। राहुल की मुलाकात पर पिता बोले- बेटा बड़ा डिजाइनर बन गया दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात होने पर विक्की का परिवार बेहद खुश है। विक्की के परिवार में पिता उदमीराम सैनी के अलावा मां सरस्वती देवी और भाई जय सिंह सैनी हैं। विक्की शादीशुदा है। उसकी पत्नी का नाम मोहिनी सैनी। उसके 2 बच्चे भी हैं। उदमीराम ने बताया कि राहुल गांधी के मिलने के बाद उन्हें अब लगने लगा है कि उनका बेटा बड़ा डिजाइनर बन गया है। राहुल गांधी उनसे मिले, इससे उन्हें बहुत अच्छा लगा। वह अपने बेटे की इसी तरह तरक्की देखना चाहते हैं। अब जानिए, कौन है विक्की सैनी और दिल्ली कैसे पहुंचा... पिता की सब्जी मंडी में दुकान विक्की सैनी का जन्म 31 दिसंबर 1986 को नारनौल के मोहल्ला नलापुर में उदमीराम सैनी के घर पर हुआ था। उसके पिता की यहां की नई और पुरानी दोनों सब्जी मंडी में दुकानें हैं। इन्हीं दुकानों से परिवार चलता है। विक्की ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा (कक्षा 10 और 12 तक) मोहल्ला चौधरीयान स्थित स्कूल से की। घर में दुकानदारी का माहौल था, इसलिए उसने भी बिजनेस की तरफ रुख किया। कुछ स्टार्टअप भी शुरू किए, लेकिन बात नहीं बनी। फैशन डिजाइनिंग को बनाया करियर विक्की सैनी के मुताबिक, फैशन टीवी देखकर फैशन डिजाइनिंग में जाने का मन किया। मगर समस्या यह थी कि नारनौल में अच्छे इंस्टीट्यूट नहीं थे, इसलिए दिल्ली का रुख किया। इसके चलते वह 2011 में दिल्ली के हौज खास चला आया। यहां आकर पैसे की समस्या खड़ी हो गई, क्योंकि अच्छे इंस्टीट्यूट से फैशन डिजाइनिंग करने का मतलब कम से कम 1 लाख से 2 लाख का खर्च था। उसने समस्या पिता के सामने रखी। उन्होंने हेल्प तो की, लेकिन यह पर्याप्त नहीं थी। इसके लिए कुछ फैक्ट्रियों में काम करना शुरू किया। इसके 2 फायदे हुए- पहला, व्यापार कैसे होता है और दूसरा यह कि उसे काम करने के जो पैसे मिल रहे थे, उससे वह इंस्टीट्यूट की फीस भरने लगा। 2016-17 में शाहपुर जाट में अपनी फैक्ट्री लगाई विक्की सैनी ने बताया कि दिल्ली आने के बाद उसने पूरी तरह फैशन डिजाइनिंग को अपना करियर बनाने का ठान लिया। पहले मन लगाकर का काम सीखा। बाद में 2016-17 में दिल्ली के हौज खास के पास शाहपुर जाट में अपनी खुद की फैक्ट्री लगा ली। शुरुआती दिक्कतों के बाद उसने काम को धीरे-धीरे बढ़ाया। वर्तमान में उसकी फैक्ट्री में 40 वर्कर काम करते हैं। इनमें सिलाई से लेकर डिजाइनिंग और मार्केटिंग स्ट्रेटजी बनाने वाली टीम शामिल है। राहुल गांधी कैसे विक्की की फैक्ट्री तक पहुंचे व
लोकसभा में विपक्षी दल कांग्रेस के नेता राहुल गांधी हरियाणा के नारनौल के रहने वाले विक्की सैनी की फैशन डिजाइनिंग फैक्ट्री में पहुंचे। उन्होंने विक्की के काम की तारीफ की। इस दौरान राहुल गांधी ने टेक्सटाइल के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विक्की सैनी से कई सवाल किए। उन्होंने OBC को लेकर भी सवाल पूछा। पूछा कि OBC के कितने लोग इस फील्ड में हैं? सिस्टम कैसे काम करता है और आने वाली दिक्कतों को कैसे दूर किया जा सकता है?। राहुल गांधी ने कहा भी कि बिना पहुंच के देश में कोई काम नहीं होता। वह ऐसा सिस्टम चाहते हैं कि लोगों के काम बिना पहुंच के बन जाएं। राहुल गांधी ने विक्की सैनी की संघर्ष से सफलता तक की कहानी को अपने यूट्यूब चैनल पर शेयर भी किया। वीडियो के साथ उन्होंने लिखा- "क्या एक OBC युवा इंडियन फैशन का टॉप डिजाइनर बन सकता है?" विक्की सैनी ने दिल्ली के हौज खास के पास रेडिमेड कपड़ों की एक फैक्ट्री लगाई हुई है। वह मुख्य रूप से नेहरू जैकेट और मेंस वियर ही बनाते हैं। मगर, वह महिलाओं के लहंगे भी डिजाइन करते हैं। उनकी फैक्ट्री में 40 से ज्यादा वर्कर काम करते हैं। उसके इस काम से प्रभावित राहुल गांधी ने 5 अप्रैल को उसकी फैक्ट्री का दौरा किया। राहुल गांधी और विक्की सैनी के बीच हुए सवाल-जवाब... 1.राहुल गांधी: फैक्ट्री स्टार्ट कैसे की?
विक्की: जीरो से की सर, जैसे एक खेत में बीज डालकर करते हैं। 2.राहुल गांधी: आइडिया कहां से आया?
विक्की: फैशन टीवी देखता था। वहां से फैशन डिजाइनिंग में जाने का मन किया। पापा की सब्जी की दुकान है, इसलिए बिजनेस माइंडसेट पहले से ही है। आज का कारीगर यह काम नहीं करता। 3.राहुल गांधी: क्यों?
विक्की: यह बड़ा ही हुनर का काम है। दिनभर बैठकर हाथों से काम करना पड़ता है। 4.राहुल गांधी: कितना मिलता है?
विक्की: पूरे दिन के एक कारीगर को 600 से 700 रुपए ही मिलते हैं। 5.राहुल गांधी: कितने में बिकता है?
विक्की: एक के 18 से 20 हजार रुपए। 6.राहुल गांधी: मेजरमेंट शॉप पर होती है?
विक्की: हां, मेजरमेंट शॉप पर होती है। इस दौरान विक्की ने बातों के बीच राहुल गांधी को अपना लॉकडाउन का स्टॉक दिखाया। विक्की ने कहा कि यह स्टॉक अब डंप हो गया है। 7.राहुल गांधी: कितने का सामान डंप हो गया?
विक्की: यह 30 से 40 लाख रुपए का सामान है। 8. राहुल गांधी: आपके पापा को कैसा लगता है?
विक्की: पापा देखते हैं, मिडिल फैमिली से हैं न, इसलिए फाइनेंस की थोड़ी सोचते हैं। 9. राहुल गांधी: आपका मिशन क्या है?
विक्की: लोअर यानी मिडिल क्लास से हायर बनना चाहता हूं। 10. राहुल गांधी: OBC से हो?
विक्की: हां, मैं OBC से हूं, सैनी। 11. राहुल गांधी: डिजाइनिंग इंडस्ट्रीज में और भी OBC से हैं?
विक्की: नहीं। 12. राहुल गांधी: ऐसा क्यों?
विक्की: OBC वर्ग के पास इतनी सुविधाएं नहीं हैं कि वह अपना बिजनेस इसमें कर सकें। 13. राहुल गांधी: टेक्सटाइल में कोई बड़ा OBC है क्या?
विक्की: मेरी नजर में तो नहीं है। बिचौलिया सिस्टम पर उठाए सवाल
राहुल गांधी के सामने विक्की ने बिचौलिया सिस्टम पर सवाल उठाए। विक्की ने कहा कि बिचौलिया हर जगह हावी हैं। वे कम दाम में सामान लेकर अच्छे दामों में बेच देते हैं। क्योंकि, बड़ों से उनकी पहचान नहीं होती। इसका फायदा बिचौलिए उठाते हैं। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि वह इस पर ही काम कर रहे हैं। वह चाहते हैं कि हिंदुस्तान में जिनकी पहुंच नहीं है, उसे सिस्टम में लाया जाए और उसकी पहचान बनाई जाए। राहुल की मुलाकात पर पिता बोले- बेटा बड़ा डिजाइनर बन गया
दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात होने पर विक्की का परिवार बेहद खुश है। विक्की के परिवार में पिता उदमीराम सैनी के अलावा मां सरस्वती देवी और भाई जय सिंह सैनी हैं। विक्की शादीशुदा है। उसकी पत्नी का नाम मोहिनी सैनी। उसके 2 बच्चे भी हैं। उदमीराम ने बताया कि राहुल गांधी के मिलने के बाद उन्हें अब लगने लगा है कि उनका बेटा बड़ा डिजाइनर बन गया है। राहुल गांधी उनसे मिले, इससे उन्हें बहुत अच्छा लगा। वह अपने बेटे की इसी तरह तरक्की देखना चाहते हैं। अब जानिए, कौन है विक्की सैनी और दिल्ली कैसे पहुंचा... पिता की सब्जी मंडी में दुकान
विक्की सैनी का जन्म 31 दिसंबर 1986 को नारनौल के मोहल्ला नलापुर में उदमीराम सैनी के घर पर हुआ था। उसके पिता की यहां की नई और पुरानी दोनों सब्जी मंडी में दुकानें हैं। इन्हीं दुकानों से परिवार चलता है। विक्की ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा (कक्षा 10 और 12 तक) मोहल्ला चौधरीयान स्थित स्कूल से की। घर में दुकानदारी का माहौल था, इसलिए उसने भी बिजनेस की तरफ रुख किया। कुछ स्टार्टअप भी शुरू किए, लेकिन बात नहीं बनी। फैशन डिजाइनिंग को बनाया करियर
विक्की सैनी के मुताबिक, फैशन टीवी देखकर फैशन डिजाइनिंग में जाने का मन किया। मगर समस्या यह थी कि नारनौल में अच्छे इंस्टीट्यूट नहीं थे, इसलिए दिल्ली का रुख किया। इसके चलते वह 2011 में दिल्ली के हौज खास चला आया। यहां आकर पैसे की समस्या खड़ी हो गई, क्योंकि अच्छे इंस्टीट्यूट से फैशन डिजाइनिंग करने का मतलब कम से कम 1 लाख से 2 लाख का खर्च था। उसने समस्या पिता के सामने रखी। उन्होंने हेल्प तो की, लेकिन यह पर्याप्त नहीं थी। इसके लिए कुछ फैक्ट्रियों में काम करना शुरू किया। इसके 2 फायदे हुए- पहला, व्यापार कैसे होता है और दूसरा यह कि उसे काम करने के जो पैसे मिल रहे थे, उससे वह इंस्टीट्यूट की फीस भरने लगा। 2016-17 में शाहपुर जाट में अपनी फैक्ट्री लगाई
विक्की सैनी ने बताया कि दिल्ली आने के बाद उसने पूरी तरह फैशन डिजाइनिंग को अपना करियर बनाने का ठान लिया। पहले मन लगाकर का काम सीखा। बाद में 2016-17 में दिल्ली के हौज खास के पास शाहपुर जाट में अपनी खुद की फैक्ट्री लगा ली। शुरुआती दिक्कतों के बाद उसने काम को धीरे-धीरे बढ़ाया। वर्तमान में उसकी फैक्ट्री में 40 वर्कर काम करते हैं। इनमें सिलाई से लेकर डिजाइनिंग और मार्केटिंग स्ट्रेटजी बनाने वाली टीम शामिल है। राहुल गांधी कैसे विक्की की फैक्ट्री तक पहुंचे
विक्की ने बताया कि राहुल गांधी इस वक्त OBC से जुड़े ऐसे व्यापारियों को लेकर सर्वे कर रहे हैं, जिन्होंने जीरो से अपना कारोबार शुरू किया और अब अच्छे मुकाम पर हैं। उनकी टीम लगातार ऐसे लोगों को खोज रही है। इसी टीम ने उनकी फैक्ट्री का चयन किया था।



