​​​​​​​रस्तोगी हरियाणा के नए चीफ सेक्रेटरी संभव:गृह सचिव सुमिता समेत 5 IAS अधिकारी दौड़ में; मौजूदा CS चुनाव आयुक्त बने

ज्ञानेश कुमार भारत के नए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) बनाए गए हैं। उनके साथ हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी (CS) डॉ. विवेक जोशी को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया है। 1989 बैच के IAS अधिकारी विवेक जोशी को नवंबर 2024 में पूर्व चीफ सेक्रेटरी टीवीएसएन प्रसाद के रिटायर होने के बाद राज्य का चीफ सेक्रेटरी लगाया गया था।

​​​​​​​रस्तोगी हरियाणा के नए चीफ सेक्रेटरी संभव:गृह सचिव सुमिता समेत 5 IAS अधिकारी दौड़ में; मौजूदा CS चुनाव आयुक्त बने

ज्ञानेश कुमार भारत के नए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) बनाए गए हैं। उनके साथ हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी (CS) डॉ. विवेक जोशी को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया है। 1989 बैच के IAS अधिकारी विवेक जोशी को नवंबर 2024 में पूर्व चीफ सेक्रेटरी टीवीएसएन प्रसाद के रिटायर होने के बाद राज्य का चीफ सेक्रेटरी लगाया गया था। जोशी ने केंद्र सरकार में डेपुटेशन से लौटने के बाद कार्यभार संभाला था। जोशी की निर्वाचन आयोग में नियुक्ति की वजह से अब राज्य में नए चीफ सेक्रेटरी की नियुक्ति की जाएगी। ऐसे में चीफ सेक्रेटरी की दौड़ में 6 IAS अधिकारी हैं। हालांकि सूत्रों की मानें तो 1990 बैच के आईएएस अधिकारी अनुराग रस्तोगी का CS बनना तय है। PM की गुड लिस्ट में शामिल हैं जोशी विवेक जोशी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुड बुक में शामिल हैं।

केंद्र में डेपुटेशन पर रहे विवेक जोशी हरियाणा के मुख्य सचिव बनने से पहले केंद्रीय वित्त मंत्रालय में सचिव के पद पर रहे। इसके बाद उन्हें कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के सचिव की जिम्मेदारी संभाली। 4 साल तक केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के रूप में कार्य किया। साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक और देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक के बोर्ड के सदस्य भी रहे हैं। कपड़ा मंत्रालय (2001-2006) में डायरेक्टर के रूप में काम किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गुड बुक में शामिल जोशी हरियाणा के प्रिंसिपल सेक्रेटरी के अलावा कई प्रमुख पदों पर रह चुके हैं। अनुराग रस्तोगी का नाम सबसे आगे सूत्रों की मानें तो रस्तोगी का CS बनना लगभग तय है। वर्तमान में रस्तोगी वित्त आयुक्त, राजस्व और अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) के पद पर कार्यरत हैं। पिछले साल 31 अक्टूबर को टीवीएसएन प्रसाद के सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने 3 दिनों तक मुख्य सचिव के रूप में कार्य किया था।

हालांकि जोशी को मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था, लेकिन सरकार ने यह कार्यभार रस्तोगी को तब तक के लिए सौंप दिया, जब तक कि जोशी, जो उस समय केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे, 4 नवंबर, 2024 को कार्यभार ग्रहण नहीं कर लेते। 1990 बैच के अधिकारियों के बीच वरिष्ठता विवाद के बावजूद, सरकार ने रस्तोगी को कार्यभार सौंपने का फैसला किया था और बाद में उन्हें फाइनेंशियल कमिश्नर रेवेन्यू (FCR) के पद पर तैनात कर दिया, यह पद आमतौर पर मुख्य सचिव के बाद सबसे वरिष्ठ अधिकारी का होता है। सूत्रों ने बताया कि जोशी की नई नियुक्ति के साथ रस्तोगी नए मुख्य सचिव के रूप में राज्य सरकार की स्पष्ट पसंद होंगे और उनके आदेश शीघ्र ही आने की संभावना है। रस्तोगी के साथ 5 IAS अधिकारी भी दौड़ में अनुराग रस्तोगी के साथ साथ 1990 बैच के 5 IAS अधिकारी भी राज्य के चीफ सेक्रेटरी की दौड़ में हैं। इनमें सबसे सीनियर सुधीर राजपाल और डॉ. सुमिता मिश्रा हैं। हालांकि आनंद मोहन शरण, राज शेखर कुंडरू और अंकुर गुप्ता का भी दौड़ में शामिल है।

इस लिस्ट में सुधीर राजपाल की सीनियोरिटी सबसे ऊपर है। उनके बाद डॉ. सुमिता मिश्रा का नाम आता है। प्रदेश सरकार ने भी जितने आदेश जारी किए, उनमें सीनियोरिटी का क्रम यही रखा गया है। ऐसे में सीनियोरिटी के क्रम में सुधीर राजपाल और डॉ. सुमिता के नाम की चर्चा भी है। डॉ सुमिता भी हो सकती है सरकार की पसंद सुमिता मिश्रा का जन्म 30 जनवरी 1967 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुआ था। लखनऊ में जन्मी सुमिता मिश्रा ने लोरेटो कॉन्वेंट और ला मार्टिनियर स्कूलों में पढ़ने के बाद अर्थशास्त्र और गणित में डिग्री हासिल की है। वह पब्लिक पॉलिसी में अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिए कई विदेशी विश्वविद्यालयों से भी शिक्षा पा चुकी हैं। 1990 में IAS अधिकारी बनी सुमिता मिश्रा प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद में काम कर चुकी हैं। उन्होंने दिसंबर 2017 में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में 3 साल का कार्यकाल शुरू किया। सुमिता मिश्रा के प्रयासों के बाद हरियाणा जुलाई 2023 में क्रेच नीति लागू करने वाला भारत का पहला राज्य बना था।

तब सुमिता मिश्रा काफी चर्चा में आई थीं। सुमिता किताबें लिखने की शौकीन बतौर IAS अधिकारी तमाम जिम्मेदारियों को निभाते हुए सुमिता अब तक कई किताबें लिख चुकी हैं। इनमें ए लाइफ ऑफ लाइट, लम्हों की शबनम, जरा सी धूप, वक्त के उजाले प्रमुख हैं। सुमिता मिश्रा सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं। वह फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स प्लेटफॉर्म पर अक्सर पोस्ट डालती रहती हैं। उन्होंने चंडीगढ़ लिटरेरी सोसाइटी की स्थापना की। वह चंडीगढ़ के वार्षिक साहित्यिक उत्सव लिटरेसी के उत्साही महोत्सव निदेशक के रूप में कार्य करती हैं। यह लेक क्लब में 2013 में शुरू हुआ था। वह अपने लेखन के लिए कई अवॉर्ड भी हासिल कर चुकी हैं।

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