कांग्रेस के 8 मेयर उम्मीदवारों की घोषणा:रोहतक-करनाल में BJP के बागियों को टिकट; पूर्व कांग्रेसी विधायक ने भाजपा जॉइन की

हरियाणा में मेयर चुनाव के लिए कांग्रेस ने 8 नगर निगमों में मेयर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। इनमें गुरुग्राम से सीमा पाहुजा, मानेसर से नीरज यादव, हिसार से कृष्ण सिंगला, करनाल से मनोज वाधवा, रोहतक से सूरजमल, यमुनानगर से किरणा देवी, अंबाला से अमीषा चावला और सोनीपत से कमल दीवान का नाम है।

कांग्रेस के 8 मेयर उम्मीदवारों की घोषणा:रोहतक-करनाल में BJP के बागियों को टिकट; पूर्व कांग्रेसी विधायक ने भाजपा जॉइन की

हरियाणा में मेयर चुनाव के लिए कांग्रेस ने 8 नगर निगमों में मेयर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। इनमें गुरुग्राम से सीमा पाहुजा, मानेसर से नीरज यादव, हिसार से कृष्ण सिंगला, करनाल से मनोज वाधवा, रोहतक से सूरजमल, यमुनानगर से किरणा देवी, अंबाला से अमीषा चावला और सोनीपत से कमल दीवान का नाम है। कांग्रेस ने पानीपत और फरीदाबाद में मेयर उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। इसी बीच पूर्व कांग्रेसी विधायक बिशनलाल सैनी ने यमुनानगर में भाजपा जॉइन कर ली है। CM नायब सैनी ने उनका स्वागत किया। कांग्रेस उम्मीदवारों से जुड़ी खास बातें... हिसार: सिंगला के पिता भजनलाल के राजनीतिक सचिव रहे हिसार से उम्मीदवार कृष्ण सिंगला का परिवार पुराना कांग्रेसी है। वे 1968 से कांग्रेस से जुड़े हैं। उनके पिता चौधरी भजनलाल के राजनीतिक सचिव रहे। कृष्ण सिंगला 1995 से हिसार नगर परिषद के लगातार 3 बार चेयरमैन रहे हैं। इसके अलावा 1995 से 1997 तक इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट बोर्ड हिसार के चेयरमैन रहे। वहीं हरियाणा पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के सदस्य रहे हैं।

कृष्ण सिंगला ने अपना राजनीतिक करियर 1987 में पार्षद का चुनाव लड़कर शुरू किया। पहला चुनाव हिसार के वार्ड 26 से लड़ा मगर हार गए। इसके बाद 1987 में पार्षद का वार्ड 26 से आजाद उम्मीदवार चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। रोहतक: टिकट नहीं मिली तो किलोई ने BJP छोड़ी रोहतक नगर निगम में कांग्रेस के मेयर उम्मीदवार सूरजमल किलोई 2005 में नगर परिषद के पार्षद चुने गए। 2013 में नगर निगम बनने के बाद उनकी पत्नी पूनम किलोई पार्षद चुनी गई। 2018 में फिर से उनकी पत्नी पार्षद निर्वाचित हुई। 2005 से ये 2015 तक ये कांग्रेस में रहे। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद ये भाजपाई हो गए। 2024 विधानसभा चुनाव में कलानौर विधानसभा से भाजपा की टिकट मांग रहे थे लेकिन टिकट काटने पर वे फिर से कांग्रेस में आ गए। हुड्डा परिवार से नजदीकियों के चलते इन्हें रोहतक से मेयर चुनाव में उतारा गया है। गुरुग्राम: सीमा ने विधानसभा में टिकट न मिलने पर भाजपा छोड़ी थी गुरुग्राम से सीमा पाहुजा पंजाबी चेहरा हैं। वह दो बार पार्षद का चुनाव भी जीत चुकीं हैं। एक बार तो उन्होंने बीजेपी की पूर्व जिलाध्यक्ष गार्गी कक्कड़ को भी हराया। विधानसभा चुनाव के लिए वह गुरुग्राम से टिकट मांग रहीं थी। टिकट न मिलने पर भाजपा छोड़ कांग्रेस में चली गई थीं। अब वह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के खेमे से मेयर टिकट पाने में सफल रही है। उनके पति पवन बंटी पाहुजा बिजनेसमैन हैं। करनाल: खट्‌टर के खिलाफ चुनाव लड़ चुके वधवा करनाल से उम्मीदवार मनोज वधवा यहां पार्टी का बड़ा पंजाबी चेहरा हैं।

साल 2014 में वह इनेलो उम्मीदवार के तौर पर पूर्व सीएम मनोहर लाल के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। इसके बाद वे भाजपा में शामिल हो गए। हालांकि 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने BJP छोड़ दी और कांग्रेस जॉइन कर ली थी। अंबाला: अमीषा के पति हुड्‌डा के मीडिया सलाहकार रह चुके अंबाला से उम्मीदवार अमीषा चावला के पति स्व. दिलीप चावला बिट्टू भूपेंद्र सिंह हुड्डा के मुख्यमंत्री रहते उनके मीडिया सलाहकार रहे। बिट्टू चावला अंबाला सिटी से पार्षद रह चुके हैं। इससे पहले हुए नगर निगम चुनाव अमीषा चावला दूसरे नंबर पर रहीं थी। सोनीपत: कमल पूर्व विधायक के बेटे, पंजाबी चेहरा सोनीपत से कमल दीवान पूर्व विधायक देवराज के बेटे हैं। वे पंजाबी समाज से ताल्लुक रखते हैं। वर्तमान में दीवान चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। कमल दीवान का परिवार कांग्रेस से लंबे समय से जुड़ा रहा है। उनके स्वर्गीय पिता देवराज दीवान साल 2014 में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रभारी थे और सोनीपत जिले में पार्टी संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते थे। सोनीपत में लगभग 70 हजार पंजाबी वोटर हैं, जो चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। यमुनानगर: किरण पूर्व विधायक की पत्नी, सैलजा गुट को साधा यमुनानगर से किरणा देवी सैलजा के करीबी नेता राजपाल भूखड़ी की पत्नी हैं। उनका टिकट सैलजा गुट की पैरवी के कारण ही फाइनल हुआ है। राज्य में सैलजा और हुड्‌डा गुट की गुटबाजी साधने के लिए भी सैलजा की करीबी को टिकट दिया गया है। 

वहीं AAP ने भी 2 मेयर उम्मीदवारों का ऐलान किया। इनमें रोहतक से अमित खटक और सोनीपत से कमलेश कुमार सैनी को मेयर टिकट दिया है। इससे पहले BJP ने शुक्रवार को मेयर उम्मीदवारों की 2 लिस्ट जारी की। हालांकि पहली लिस्ट को अध्यक्ष मोहन बड़ौली ने गलत बताते हुए वापस ले लिया। देर शाम दूसरी लिस्ट जारी की गई। जिसमें सिर्फ गुरुग्राम का मेयर उम्मीदवार बदला गया। इसके बाद रात को भाजपा ने नगर पालिका और नगर परिषदों के चेयरमैन उम्मीदवारों की भी लिस्ट जारी की। इसके बाद वार्ड पार्षद उम्मीदवारों की लिस्ट भी जारी की जा रही हैं। 

निकाय चुनाव से जुड़े अपडेट्स ....

भाजपा के मेयर उम्मीदवारों से जुड़ी खास बातें... 1. हिसार में 2 पूर्व मंत्रियों की नहीं चली हिसार में 2 पूर्व मंत्री मेयर कैंडिडेट को लेकर आमने-सामने थे। निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल और डॉ. कमल गुप्ता अपने-अपने पसंद के नेताओं के लिए लॉबिंग कर रहे थे। कमल गुप्ता अनिल मानी को टिकट दिलाने की पैरवी कर रहे थे। वहीं सावित्री जिंदल शकुंतला राजलीवाला के नाम के लिए जोर लगा रही थीं, लेकिन पार्टी ने दोनों की सिफारिश को अनसुना कर संगठन की पंसद के नेता को टिकट दिया। दूसरा कारण यहां पंजाबी समाज की नाराजगी का था। क्योंकि पूर्व मेयर गौतम सरदाना पार्टी से नाराज होकर निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़े थे। इसलिए पंजाबी समाज से आने वाले प्रवीण पोपली को यहां टिकट दिया गया। 2. सोनीपत और करनाल में डैमेज कंट्रोल किया भाजपा ने सोनीपत और करनाल दोनों जगह डैमेज कंट्रोल करने का प्रयास किया। दोनों जगहों पर विधानसभा चुनाव में भाजपा अंदरूनी कलह थामते नजर आई थी। सोनीपत में विधायक उम्मीदवार के रूप में निखिल मदान का नाम आगे करने से केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्‌टर के पूर्व मीडिया सलाहकार राजीव जैन और उनकी पत्नी पूर्व मंत्री कविता जैन नाराज हो गए थे। उन्होंने बगावत के भी संकेत दिए थे लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के मनाने पर वह मान गए थे। इसी वह से अब मेयर टिकट देकर उन्हें खुश किया गया है।

इसी तरह करनाल से पूर्व में मेयर रही रेणु बाला गुप्ता भी विधानसभा चुनाव में टिकट मांग रही थीं। मगर उनका टिकट कट गया और वह नाराज हो गई। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्‌टर उनको मनाने खुद करनाल गए थे। 3. गुरुग्राम में राव इंद्रजीत की चली, सुधा यादव की करीबी का टिकट कटा भाजपा की दूसरी रिवाइज सूची में गुरुग्राम से चौंकाने वाला नाम सामने आया। पहली सूची में पूर्व सांसद डॉक्टर सुधा यादव की करीबी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष उषा प्रियदर्शी को गुरुग्राम से मेयर कैंडिडेट बनाया गया। इस नाम से केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह नाराज थे। उनकी नाराजगी का आभास भाजपा केंद्रीय नेतृत्व को हो गया। इसी वजह से पहली लिस्ट को गलत बताकर दूसरी लिस्ट जारी की गई। जिसमें उषा प्रियदर्शी की जगह महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजरानी मल्होत्रा को मेयर कैंडिडेट बनाया गया। वहीं उषा प्रियदर्शी गुरुग्राम में बाहरी नेता हैं। उनके पिता रोहिताश्व शर्मा राजस्थान के बानसूर विधानसभा से पूर्व विधायक हैं।केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल प्रियदर्शी के नाम से सहमत नहीं थे। 4. पानीपत में पिछड़े वर्ग पर दांव, ED रेड से भाटिया पिछड़े पानीपत में मेयर की सीट जनरल है, यानि यहां से कोई भी उम्मीदवार हो सकता है। हालांकि BJP ने यहां ओबीसी चेहरा पूर्व पार्षद कोमल सैनी को उम्मीदवार बनाया। वह BC (B) वर्ग से आती हैं।

हालांकि मेयर उम्मीदवारों के लिए कोमल सैनी के अलावा भाजपा ने पंजाबी बिरादरी से पूर्व सांसद संजय भाटिया के मौसेरे भाई नवीन भाटिया का भी नाम भेजा था। मगर, उम्मीदवारों के ऐलान से एक दिन पहले उन पर ED की रेड हो गई, जिस वजह से वे पिछड़ गए। ऐसा न होता तो उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही थी। कोमल सैनी की पैरवी सीएम नायब सैनी ने भी की। वह अभी भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष हैं। उनके ससुर रामकुमार सैनी भी पार्षद रह चुके हैं, जिनके सीएम नायब सैनी के साथ अच्छे संबंध हैं। 5.रोहतक में अनुसूचित जाति वर्ग को साधने का प्रयास भाजपा ने रोहतक में राम अवतार वाल्मीकि को मेयर की टिकट देकर अनुसूचित जाति वर्ग को साधने का प्रयास किया है। 21 लोगों ने मेयर की टिकट के लिए आवेदन किया था, लेकिन वरिष्ठ नेता और आरएसएस के साथ जुड़े होने के कारण राम अवतार वाल्मीकि को इसका सीधा फायदा मिला। नगर निगम क्षेत्र में 1 से 5 वार्डों में करीब 85 हजार वोटर अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं, भाजपा इन्हीं वोटरों को साधना चाहती है। राम अवतार को वैसे पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु व ओम प्रकाश धनखड़ का करीबी माना जाता है।

वर्तमान में वह भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। 6. फरीदाबाद​ में ​​​​​​मंत्री कृष्णपाल गुर्जर की चली, महिला कैंडिडेट उतारी फरीदाबाद में बीजेपी की मेयर उम्मीदवार प्रवीण जोशी पहली बार चुनाव मैदान में उतरी हैं। उनके ससुर रमेश जोशी 1993 से लेकर 1988 तक हरियाणा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रहे। उनके पति संदीप जोशी हरियाणा में भाजपा के प्रदेश महामंत्री और हरियाणा हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन भी रहे। हालांकि इन दोनों ने ही कभी कोई चुनाव नहीं लड़ा। सूत्रों की मानें तो जोशी को टिकट दिलाने में मंत्री कृष्णपाल गुर्जर का अहम योगदान रहा है। दरअसल, फरीदाबाद में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल, खाद्य मंत्री राजेश नागर से मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के रिश्ते ज्यादा अच्छे नही हैं। ऐसे में अपनी पसंद के उम्मीदवार को टिकट मिलना मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के लिए किसी जीत से कम नहीं है। BJP के मेयर पद के उम्मीदवारों का प्रोफाइल देखिए BJP के चेयरमैन उम्मीदवारों की लिस्ट AAP के 2 मेयर उम्मीदवार...

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