विजिलेंस जिसे ढूंढ रही,वह CM को सम्मानित कर रहा:BJP नेता सरदाना मुख्यमंत्री आवास पहुंचा; हरियाणा में करोड़ों के घोटाले का आरोपी

हरियाणा में विजिलेंस का एक बड़ा फेलियर सामने आया है। विजिलेंस के अफसर 7 करोड़ रुपए के सफाई घोटाले में जिस आरोपी को 6 महीने से ढूंढ रहे हैं, वही शख्स 23 अक्टूबर -बुधवार- को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास में आयोजित आशीर्वाद समारोह में शामिल हुआ।

विजिलेंस जिसे ढूंढ रही,वह CM को सम्मानित कर रहा:BJP नेता सरदाना मुख्यमंत्री आवास पहुंचा; हरियाणा में करोड़ों के घोटाले का आरोपी

हरियाणा में विजिलेंस का एक बड़ा फेलियर सामने आया है। विजिलेंस के अफसर 7 करोड़ रुपए के सफाई घोटाले में जिस आरोपी को 6 महीने से ढूंढ रहे हैं, वही शख्स 23 अक्टूबर -बुधवार- को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास में आयोजित आशीर्वाद समारोह में शामिल हुआ। यही नहीं, उसने प्रोग्राम में भरे मंच पर साधु-संतों के साथ मुख्यमंत्री नायब सैनी को सम्मानित भी किया। कैथल जिला परिषद में हुए 7 करोड़ रुपए के सफाई घोटाले से जुड़ी विजिलेंस की FIR में भाजपा नेता प्रवीण सरदाना का नाम 8वें नंबर पर दर्ज है। इस FIR के अनुसार, प्रवीण सरदाना भारत प्रोजेक्ट का प्रोपराइटर है। वह खुद को पूर्व CM मनोहर लाल खट्टर के करीबियों में बताता रहा है।

प्रवीण के सोशल मीडिया अकाउंट पर उसकी पूर्व CM और भाजपा के कई दूसरे बड़े नेताओं के साथ फोटो भी अपलोड हैं। घोटाले में सबसे ज्यादा बिल इन्हीं की फर्म के कैथल में हुए घोटाले में सबसे ज्यादा रकम के बिल प्रवीण सरदाना की फर्म भारत प्रोजेक्ट के नाम के हैं। विजिलेंस टीम ने प्रवीण सरदाना को पकड़ने के लिए कई बार उसके घर रेड की, लेकिन वह आज तक हत्थे नहीं आया। अब विजिलेंस की ओर से इस घोटाले में फरार चल रहे आरोपियों को भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई चल रही है। कुल 14 आरोपियों के खिलाफ केस जांच कर रही एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने घोटाले में कुल 14 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इनमें से अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

इस FIR में शहर के भाजपा नेता प्रवीण सरदाना का नाम भी शामिल है, जो मामला दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी के डर से लगातार भूमिगत चल रहा है। भाजपा प्रदेश स्तरीय कार्यक्रमों में ले रहा भाग हालांकि, कैथल का रहने वाला आरोपी प्रवीण सरदाना सरेआम भाजपा के प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में भाग ले रहा है। इसे पकड़ने के लिए विजिलेंस टीम छापे तो मार रही है, लेकिन 6 महीने बीत जाने के बाद भी टीम मुख्य आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है। राजनीतिक दबाव में काम कर रही विजिलेंस इस बार में इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा का कहना है कि यह मामला सबसे पहले उन्होंने अपने निवास स्थान पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उठाया था। उन्होंने कहा कि विजिलेंस अब राजनीतिक दबाव में काम कर रही है। इसलिए, जानबूझकर घोटाले बाजों को गिरफ्तार नहीं कर रही। घोटाले के आरोपियों ने राजनीतिक अप्रोच लगवाकर पूरे मामले को अब ठंडे बस्ते में डलवा दिया है।

कोरोना काल में हुआ था सफाई घोटाला कैथल जिला परिषद में कोरोना काल के दौरान करोड़ों रुपए का सफाई घोटाला सामने आया था, जिसमें 10 फर्मों के ठेकेदारों ने अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर ग्रामीण क्षेत्र में बिना विकास कार्य किए सरकारी राशि का गबन कर लिया था। यह राशि सीधे अधिकारियों व ठेकेदारों के बैंक खातों में डाली गई थी। 3 साल जांच के बाद मई 2024 में कुल 14 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। अधिकारियों समेत 4 ठेकेदार जेल में घोटाले में अधिकारियों से लेकर ठेकेदारों के नाम शामिल हैं। विजिलेंस इनमें से अभी तक 7 आरोपियों को ही गिरफ्तार कर पाई है। घोटाले में संलिप्त SDO, JE और अकाउंटेंट सहित 4 ठेकेदार जेल में बंद हैं। टीम को भेजा चंडीगढ़ जब मामले की जांच कर रहे कैथल एंटी करप्शन ब्यूरो के इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह से इस बार में बात की गई, तो उन्होंने बताया कि वह अपनी एक टीम को चंडीगढ़ भेज रहे हैं। जल्द आरोपी को काबू कर लिया जाएगा।

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