रोहतक में लेबर कोड्स को लेकर 9 जुलाई को हड़ताल:न्यूनतम वेतन 26 हजार करने की मांग, 3 जुलाई को गुरुग्राम में कन्वेंशन
रोहतक में कर्मचारी और मजदूर विरोधी चार लेबर कोड्स सहित अन्य मांगों को लेकर ट्रेड यूनियनों और कर्मचारी संगठनों की प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में सभी संगठनों ने 9 जुलाई को देशव्यापी हड़ताल करने का फैसला लिया। बैठक में आउटसोर्स कर्मचारियों के आंदोलन को भी पूरा समर्थन देने की घोषणा की गई।
रोहतक में कर्मचारी और मजदूर विरोधी चार लेबर कोड्स सहित अन्य मांगों को लेकर ट्रेड यूनियनों और कर्मचारी संगठनों की प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में सभी संगठनों ने 9 जुलाई को देशव्यापी हड़ताल करने का फैसला लिया। बैठक में आउटसोर्स कर्मचारियों के आंदोलन को भी पूरा समर्थन देने की घोषणा की गई। इंटक कर्मचारी यूनियन के प्रदेश महासचिव धर्मवीर लोहान ने कहा कि सरकार कर्मचारियों और मजदूरों की मांगों को लेकर पूरी तरह से संवेदनहीन बनी हुई है।
सरकार को कई बार ज्ञापन सौंपे गए उन्होंने कहा कि सरकार को कई बार ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन न तो उनकी मांगें मानी गईं और न ही बातचीत के लिए बुलाया गया। अब मजबूर होकर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन और हड़ताल का रास्ता चुना है। ट्रेड यूनियनों ने सरकार से चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। 10 साल से न्यूनतम वेतन नहीं किया रिवाइज धर्मवीर लोहान ने कहा कि 10 साल से न्यूनतम वेतन में संशोधन नहीं किया गया है। यह लाखों कर्मचारियों की लूट का मामला है।
सरकार को तुरंत न्यूनतम वेतन में संशोधन कर इसे 26,000 रुपये प्रति माह करना चाहिए। राज्य की सभी त्रिपक्षीय समितियों में केंद्रीय श्रम संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाना चाहिए। देशव्यापी हड़ताल में सभी यूनियनों के कर्मचारी भाग लेंगे। 3 जुलाई को औद्योगिक मजदूरों की होगी कन्वेंशन प्रदेश स्तरीय कन्वेंशन में उपस्थित सदस्यों ने निर्णय लिया कि सभी जिलों में संयुक्त टीमें हैंडबिल पोस्टर के साथ प्रचार करते हुए मजदूरों, कर्मचारियों ओर आमजन के बीच जाएंगे। 3 जुलाई को गुरुग्राम में औद्योगिक मजदूरों ओर उनकी यूनियनों की राज्य कन्वेंशन आयोजित की जाएगी।



