राम रहीम पैरोल पर सिरसा डेरे क्यों आया:नशा रोको मुहीम को बढ़ावा, अरबों की प्रॉपर्टी की संभाल सहित इसकी 4 वजह
रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहे राम रहीम ने मंगलवार को डेरा सच्चा सौदा के हेडक्वार्टर सिरसा आकर सबको चौंका दिया। इससे पहले वह हर बार पैरोल या फरलो मिलते ही सीधे UP के बागपत चला जाता था। डेरा प्रवक्ता एडवोकेट जितेंद्र खुराना का कहना है कि राम रहीम ने इस बार सिरसा जाने के लिए अनुमति मांगी थी। इस पर हरियाणा सरकार की अथॉरिटी ने इस पर विचार करते हुए उनकी याचिका को स्वीकार कर लिया। चर्चा यह भी है कि राम रहीम यहां सिर्फ 10 ही दिन रह पाएगा। उसके बाद 20 दिन फिर यूपी के बागपत आश्रम जाना होगा। हालांकि इस बार राम रहीम सिरसा क्यूं आया इसकी 4 वजहें सामने आई है, इसमें नशा रोको मुहीम, प्रॉपर्टी संभालना भी है। राम रहीम के सिरसा डेरे आने की 4 वजहें... 1. श्रद्धालुओं के बीच विश्वास कायम करने की कोशिश राम रहीम को साढ़े 7 साल में 12वीं बार पैरोल या फरलो मिली। इससे पहले 11 बार वह उत्तर प्रदेश के बागपत में रहा। डेरे के करीबी सोर्स बताते हैं कि इससे डेरे के श्रद्धालुओं में विश्वास बढ़ेगा। उनका सिरसा स्थित शाह सतनाम धाम से ज्यादा लगाव रहा है। डेरा ऐसे कई परमार्थ के कार्य सिरसा डेरे से चलाता रहा है। सिरसा में श्रद्धालुओं का गहरा लगाव भी हैं। डेरामुखी चाहता है कि सिरसा से ही परमार्थ कार्यों की मुहीम आगे बढ़ती हुई पूरे विश्व में जाए और समाज का भला हो। 2. डेरे की अरबों की प्रॉपर्टी की देखरेख साल 2017 में हरियाणा सरकार ने डेरे की प्रॉपर्टी की डिटेल तैयार की थी। जिसमें कहा गया कि डेरा सच्चा सौदा सिरसा की प्रॉपर्टी 1,453 करोड़ है। यह रिपोर्ट पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सौंपी गई थी। जिसमें यह भी कहा गया कि पूरे प्रदेश में डेरे की 1600 करोड़ की प्रॉपर्टी है। सरकार ने यह भी कहा था कि इनकी कीमत इससे डेढ़ गुना ज्यादा हो सकती है। हरियाणा के अलावा राजस्थान के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब में भी डेरे की प्रॉपर्टी है। डेरे के पास सिरसा-नाथूसरी चौपटा-भादरा रोड पर 900 एकड़ से ज्यादा बेशकीमती जमीन है। राम रहीम के सिरसा आने की एक वजह प्रॉपर्टी की देखरेख भी है। 3. दिल्ली चुनाव से मेल खाती पैरोल की टाइमिंग, BJP 27 साल से सत्ता से बाहर राम रहीम की पैरोल की टाइमिंग दिल्ली विधानसभा चुनाव से भी जोड़ी जा रही है। दिल्ली में 5 फरवरी को वोटिंग होनी है। चूंकि हरियाणा में BJP की सरकार है तो विपक्षी आरोप लगाते हैं कि राम रहीम को भाजपा की मदद के लिए ही चुनाव से पहले पैरोल दी जाती है। दिल्ली में भाजपा 27 साल से सत्ता से बाहर है। दिल्ली की सियासत के जानकार मानते हैं कि हरियाणा से सटी दिल्ली की करीब 10 सीटों पर राम रहीम का असर हो सकता है। ऐसी सूरत में इसका फायदा भाजपा को हो सकता है। इससे पहले उसे राजस्थान और हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले पैरोल मिली तो दोनों जगह पूर्ण बहुमत की सरकार बनी। लेकिन इस पर डेरा के प्रवक्ता एडवोकेट जितेंद्र खुराना का कहना है कि डेरा मुखी की पैरोल को राजनीति से ना जोड़ा जाए। कानूनी दायरे के अंदर ही उनको पैरोल दी गई है। 4. नशा रोकने सहित कई सामाजिक कार्यों को बढ़ावा डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाई गई डेप्थ मुहीम के तहत 7 करोड़ से ज्यादा लोग डेरामुखी के आह्वान पर नशा छोड़ चुके हैं। डेरे में नशे के खिलाफ 3 दशक से ज्यादा समय से नशे के खिलाफ मुहिम चलाई जा रही है। इस बात को भी नकारा नहीं जा सकता कि नशे के साथ-साथ सैकड़ों ऐसे मानवता भलाई के कार्य हैं जिन्हें डेरा सच्चा सौदा के लोग बढ़ चढ़ कर रहे हैं।
रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहे राम रहीम ने मंगलवार को डेरा सच्चा सौदा के हेडक्वार्टर सिरसा आकर सबको चौंका दिया। इससे पहले वह हर बार पैरोल या फरलो मिलते ही सीधे UP के बागपत चला जाता था। डेरा प्रवक्ता एडवोकेट जितेंद्र खुराना का कहना है कि राम रहीम ने इस बार सिरसा जाने के लिए अनुमति मांगी थी। इस पर हरियाणा सरकार की अथॉरिटी ने इस पर विचार करते हुए उनकी याचिका को स्वीकार कर लिया। चर्चा यह भी है कि राम रहीम यहां सिर्फ 10 ही दिन रह पाएगा। उसके बाद 20 दिन फिर यूपी के बागपत आश्रम जाना होगा। हालांकि इस बार राम रहीम सिरसा क्यूं आया इसकी 4 वजहें सामने आई है, इसमें नशा रोको मुहीम, प्रॉपर्टी संभालना भी है। राम रहीम के सिरसा डेरे आने की 4 वजहें... 1. श्रद्धालुओं के बीच विश्वास कायम करने की कोशिश
राम रहीम को साढ़े 7 साल में 12वीं बार पैरोल या फरलो मिली। इससे पहले 11 बार वह उत्तर प्रदेश के बागपत में रहा। डेरे के करीबी सोर्स बताते हैं कि इससे डेरे के श्रद्धालुओं में विश्वास बढ़ेगा। उनका सिरसा स्थित शाह सतनाम धाम से ज्यादा लगाव रहा है। डेरा ऐसे कई परमार्थ के कार्य सिरसा डेरे से चलाता रहा है। सिरसा में श्रद्धालुओं का गहरा लगाव भी हैं। डेरामुखी चाहता है कि सिरसा से ही परमार्थ कार्यों की मुहीम आगे बढ़ती हुई पूरे विश्व में जाए और समाज का भला हो। 2. डेरे की अरबों की प्रॉपर्टी की देखरेख
साल 2017 में हरियाणा सरकार ने डेरे की प्रॉपर्टी की डिटेल तैयार की थी। जिसमें कहा गया कि डेरा सच्चा सौदा सिरसा की प्रॉपर्टी 1,453 करोड़ है। यह रिपोर्ट पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सौंपी गई थी। जिसमें यह भी कहा गया कि पूरे प्रदेश में डेरे की 1600 करोड़ की प्रॉपर्टी है। सरकार ने यह भी कहा था कि इनकी कीमत इससे डेढ़ गुना ज्यादा हो सकती है। हरियाणा के अलावा राजस्थान के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब में भी डेरे की प्रॉपर्टी है। डेरे के पास सिरसा-नाथूसरी चौपटा-भादरा रोड पर 900 एकड़ से ज्यादा बेशकीमती जमीन है। राम रहीम के सिरसा आने की एक वजह प्रॉपर्टी की देखरेख भी है। 3. दिल्ली चुनाव से मेल खाती पैरोल की टाइमिंग, BJP 27 साल से सत्ता से बाहर
राम रहीम की पैरोल की टाइमिंग दिल्ली विधानसभा चुनाव से भी जोड़ी जा रही है। दिल्ली में 5 फरवरी को वोटिंग होनी है। चूंकि हरियाणा में BJP की सरकार है तो विपक्षी आरोप लगाते हैं कि राम रहीम को भाजपा की मदद के लिए ही चुनाव से पहले पैरोल दी जाती है। दिल्ली में भाजपा 27 साल से सत्ता से बाहर है। दिल्ली की सियासत के जानकार मानते हैं कि हरियाणा से सटी दिल्ली की करीब 10 सीटों पर राम रहीम का असर हो सकता है। ऐसी सूरत में इसका फायदा भाजपा को हो सकता है। इससे पहले उसे राजस्थान और हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले पैरोल मिली तो दोनों जगह पूर्ण बहुमत की सरकार बनी। लेकिन इस पर डेरा के प्रवक्ता एडवोकेट जितेंद्र खुराना का कहना है कि डेरा मुखी की पैरोल को राजनीति से ना जोड़ा जाए। कानूनी दायरे के अंदर ही उनको पैरोल दी गई है। 4. नशा रोकने सहित कई सामाजिक कार्यों को बढ़ावा डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाई गई डेप्थ मुहीम के तहत 7 करोड़ से ज्यादा लोग डेरामुखी के आह्वान पर नशा छोड़ चुके हैं। डेरे में नशे के खिलाफ 3 दशक से ज्यादा समय से नशे के खिलाफ मुहिम चलाई जा रही है। इस बात को भी नकारा नहीं जा सकता कि नशे के साथ-साथ सैकड़ों ऐसे मानवता भलाई के कार्य हैं जिन्हें डेरा सच्चा सौदा के लोग बढ़ चढ़ कर रहे हैं।



